भास्कर न्यूज | जांजगीर गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जांजगीर में बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण को लेकर अभिभावक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल प्राचार्य डॉ. देव वशिष्ठ ने अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि बच्चों के जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण, नैतिकता और चरित्र निर्माण सर्वोपरि है। उन्होंने कविता, कहानी और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि माता-पिता और शिक्षक बच्चों के जीवन में कैसे दिशा निर्देशक बन सकते हैं। उन्होंने कहा आपका बच्चा सर्वश्रेष्ठ है और आप सर्वश्रेष्ठ माता-पिता हैं। बच्चे के जीवन में सबसे बड़ी भूमिका माता-पिता की होती है। विद्यालय केवल ज्ञान का स्रोत है, संस्कार और मूल्यों का निर्माण परिवार में ही होता है। बच्चों को सदविचार, सद्गुण और उच्च चारित्रिक गुण सिखाना सबसे जरूरी है, न कि केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना। डॉ. वशिष्ठ ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के मित्रों और संगति को जानें, ताकि उनका सामाजिक परिवेश सकारात्मक रहे। उन्होंने कहा जैसे कुम्हार गिली मिट्टी से सुंदर और उपयोगी वस्तुएं बनाता है, वैसे ही सकारात्मक मार्गदर्शन से बच्चों के जीवन में चमत्कार संभव है। इनमें दो महत्वपूर्ण है, जिनमें ‘घर’ बच्चे के लिए पहला परिवार है तो दूसरा विद्यालय। दोनों में तालमेल और संतुलन हो तभी बेहतर परिणाम संभव हैं। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल, सचिव दीपक राठौर, कोषाध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल, निदेशकगण पुष्कर अग्रवाल, विकास अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. देव वशिष्ठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षक सुंदर पाल चौहान, ई. सुधाकर राव, डॉ. जागेन्द्र कुमार कुलमित्र, जे. कविता, अमन सिंह, मुस्कान गुप्ता, सीमा ठाकुर, सीम्रन कौर, संध्या मिश्रा, लक्ष्मण रवि दास, नेहा अग्रवाल, महेंद्र सिंह ठाकुर, प्रींसी उपाध्याय, प्रीति सिंह और प्रशांत यादव भी शामिल थे। पालकों को संबोधित करते प्राचार्य।


