भास्कर न्यूज | जालंधर मां बगलामुखी धाम, गुलमोहर सिटी (लम्मा पिंड चौक) में सामूहिक निशुल्क दिव्य हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मुख्य यजमानों से वैदिक रीति अनुसार पंचोपचार, षोडशोपचार एवं नवग्रह पूजन संपन्न कराया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां डालीं। इस पावन अवसर पर जालंधर नॉर्थ के हल्का इंचार्ज वनीत धीर ने मां बगलामुखी जी के श्रीचरणों में नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की और हवन में भाग लिया। धाम के पीठ उपासक नवजीत भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को नाम-सिमरन की महिमा समझाते हुए कहा कि आज भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद मन की शांति खोती जा रही है। लोग सुबह की शुरुआत प्रभु-स्मरण की जगह मोबाइल देखकर करते हैं, जिससे मन अशांत रहता है। कलियुग में मन के आंतरिक शोर को शांत करने का सबसे सरल उपाय भगवान का नाम-सिमरन ही है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को बचपन से ही धार्मिक व अच्छे संस्कार दें, ताकि वे एक श्रेष्ठ इंसान बन सकें। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रतिदिन ‘जय श्रीराम’ स्मरण करने, भोजन से पूर्व ईश्वर का धन्यवाद करने और रात में सोने से पहले नाम जप करने का आह्वान किया। इस धार्मिक आयोजन में श्रीकंठ जज, श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, सरोज बाला, समीर कपूर, अमरेंद्र कुमार शर्मा, सौरभ भाटिया, मुनीष मेहरा और ऋषभ कालिया सहित भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। यज्ञ के समापन के पश्चात विशाल लंगर-भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीकंठ जज, श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, सरोज बाला, समीर कपूर, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, जानू थापर, नरेश, कोमल, मुनीष मैहरा, ऋषभ कालिया, रिंकू बलजिंदर सिंह, उदय, अजीत कुमार, नरेंद्र, रोहित भाटिया, नवीन, प्रदीप, सुधीर, सुमीत, मनीष शर्मा, दानिश, गौरी, रितु, कुमार मौजूद थे। भास्कर न्यूज | जालंधर प्राचीन शिव मंदिर, दोमोरिया पुल, पुरानी रेलवे रोड, जालंधर में प्राचीन शिव मंदिर प्रबंधक कमेटी द्वारा मां बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया गया। पिछले इक्कीस वर्षों से निरंतर प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में यह मां बगलामुखी महायज्ञ किया जा रहा है। मुख्य पुरोहित पं. चक्र प्रसाद जोशी जी ने पहले सभी देवी-देवताओं का आह्वान करने के पश्चात नवग्रह पूजन करवाया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां बगलामुखी का महायज्ञ संपन्न हुआ। मां बगलामुखी के सिद्ध महामंत्र का उच्चारण करते हुए महायज्ञ में आहुतियां डाली गईं। मां बगलामुखी की मंगल आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस महायज्ञ के दौरान सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ-साथ श्रवण (श्रवण/श्रवण) नक्षत्र, बालव करण और आयुष्मान योग का शुभ संयोग भी बना। यह आयुष्मान योग आयु और स्वास्थ्य में वृद्धि करने वाला योग माना जाता है। साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हुआ, जिस दौरान शिव भक्त गंगाजल लेकर भोलेनाथ के मंदिर जाते हैं और महादेव का जलाभिषेक करते हैं। इस अवसर पर प्रधान यादव खोसला, मानव बजाज, गोविंद खोसला, रमेश सहदेव, गुरचरण बजाज, सुनील सहदेव, मनीष रेहान, अश्विनी तुली, पुनीत शर्मा, प्रेम ढल्ला, राजेश शर्मा, कुनाल शर्मा, साहिल शर्मा, विनय नैयर, नरेंद्र जैन, हरीश वर्मा, संजीव शर्मा, अनेक कुमार, विनीत पुरी, पूजा खोसला, नीलम बजाज, सपना शर्मा, सीमा सहदेव, मिनी रेहान, रानी ढल्ला, अदिति शर्मा, वाटिका अग्रवाल, पूर्णिमा सैनी, वैदेही खोसला, वंशिका बजाज और पूजा बुद्धिराजा उपस्थित थे।


