भास्कर न्यूज | कोरबा आदिवासी समाज के लोग बहुत ही सरल व सहज विचारधारा के होते हैं। आज सबसे बड़ी समस्या जल, जंगल, जमीन की हो गई है। जिसके लिए केवल आदिवासी समाज ही मुखर दिखाई देता है। आदिवासियों के साथ ही अन्य समाज भी हर छोटी छोटी समस्या के लिए सरकार से मदद की उम्मीद करता है। जबकि सक्षम होते हुए हम अपनी समस्याओं को हल करने के लिए आगे ही नहीं आ पाते हैं। वर्षों से हमारे आदिवासी भाई प्रदेश के किसी न किसी जेल में कैद हैं। इसमें ऐसे लोग भी हैं जो जिस अपराध में जेल गए हैं उससे मिलने वाली सजा से कहीं अधिक समय जेलों में बिता चुके हैं और आगे भी बिताएंगे। समाज के ऐसे लोगों को मुक्त कराने समेत 6 बिन्दुओं पर समाज के लिए काम करने का संकल्प छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने लिया है। जिस पर आगे काम करने वाला है। यह जानकारी शनिवार को छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के नवनियुक्ति प्रांताध्यक्ष केआर शाह ने दी। उन्होंने आगे कहा कि पिछले लंबे समय से परिषद की गतिविधियां शून्य प्राय हो चुकी थीं जिसे से फिर जागृत किया गया है। नई कार्यकारिणी प्रदेश से लेकर हर जिलों में अपना संगठन खड़ा कर रही है। ताकि पूरी प्रतिबद्धता से समाज, प्रदेश व देश के विकास में काम किया जा सके। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद अपनी स्थापना का 25 वर्ष पूर्ण कर चुका है। जिसे वह 29 जनवरी को राजधानी रायपुर में रजत जयंती समारोह में के रूप में मनाएगा। उन्होंने बताया कि आदिवासी विकास परिषद की कोरबा जिला कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई है। जिसमें जिलाध्यक्ष वीरसाय धनवार, महिला प्रभाग की जिलाध्यक्ष सरोज कंवर को बनाया गया। जबकि युवा प्रभाग का जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह कंवर को बनाया गया है। प्रदेश के साथ जिलों के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण भी 29 जनवरी के कार्यक्रम में होगा। शाह के साथ आविप के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेन्द्र पैकरा, ओमप्रकाश प्रधान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, केआर राज कार्यवाहक जिलाध्यक्ष व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे।


