प्रिंसिपल के 7000 पद खाली, डीपीसी नहीं करने पर निदेशालय के सामने उपप्राचार्यों का हल्ला बोल 13 को

चूरू | 17 व 18 जनवरी को श्रीगंगानगर में होने वाले शिक्षक संघ शेखावत के प्रांतीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए जिले से बड़ी संख्या शिक्षक जाएंगे। ये जानकारी जिलाध्यक्ष विजय पोटलिया ने दी। सोमवार को सभाध्यक्ष चंद्रशेखर कस्वां की अध्यक्षता में चूरू के शिक्षक भवन में जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें प्रांतीय सम्मेलन में उठाए जाने वाले बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वां व जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने बताया कि प्रांतीय सम्मेलन के मुख्य वक्ता योगेंद्र यादव व मुख्य अतिथि सीकर सांसद कॉ. अमराराम होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षकों को शैक्षिक सम्मेलन में पहुंचकर एकजुट होने का परिचय देना होगा। प्रांतीय प्रतिनिधि रतनलाल पांडिया, गोपीचंद खीचड़ व विनोद गोस्वामी ने कहा कि देश और प्रदेश में आए दिन सरकारें सार्वजनिक उपक्रमों के साथ प्रयोग कर रही है और आने वाला समय बिना संघर्ष किए और मुश्किल होने वाला है। इसलिए हमें व्यापक वैचारिक समझ कायम करने की आवश्यकता है। जिलाध्यक्ष पोटलिया बोले- संगठन शिक्षक के हक की लड़ाई जारी रखेगा जिलाध्यक्ष विजय पोटलिया ने कहा कि जिले से 800 शिक्षक प्रांतीय शैक्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। जिला कार्यकारिणी हर उस शिक्षक के साथ कदम से कदम मिलाकर संघर्ष को तैयार है, जिसके साथ अत्याचार हुआ है। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष श्रीनाथ बरोड़, सुरेंद्र झोरड़, महेंद्र पूनिया, अनिल लांबा, भंवरलाल पूनिया, अमरचंद सांडेला, संजय खीचड़, विजय सिंह जाखड़, लिखमाराम, भोजराज आदि उपस्थित रहे। भास्कर संवाददाता | चूरू शिक्षा विभाग की ओर 2023-24 के प्रिंसिपल पद की डीपीसी नहीं करने पर पदोन्नति के इंतजार में बैठे प्रदेश के छह हजार उपप्राचार्य में नाराजगी है। इसी को लेकर 13 जनवरी को राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद की ओर से निदेशालय के आगे सांकेतिक धरना दिया जाएगा तथा हल्ला बोल कार्यक्रम भी होगा। रेसा वीपी के प्रदेशाध्यक्ष भंवरलाल गुर्जर ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में 7 हजार प्रिसिंपल के पद खाली हैं। इसके बाद भी विभाग डीपीसी नहीं करवा रहा है। उनका कहना है कि निदेशालय के कुछ अधिकारी पर न जाने उन पर किस बात का दबाव है, वे प्रिंसिपल डीपीसी को लेट करने के लिए शिक्षा ग्रुप-2 में अलग-अलग प्रकार के पत्र लिख रहे हैं, जबकि शिक्षा (ग्रुप- 2) जयपुर द्वारा 2023-24 प्रिंसिपल डीपीसी की स्वीकृति दे चुका है। पालना में विभाग द्वारा 8 नवंबर को अस्थाई वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित करने के बाद 5 दिसंबर 2024 को अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई। इसके बाद निदेशालय की ओर से प्रधानाचार्य डीपीसी 2023-24 के लिए अनुभव में शिथिलीकरण प्रदान करने के लिए 8 नवंबर को काउंसलिंग के बाद दिव्यांग उपप्राचार्य (जिनका पदस्थापन नहीं हुआ) को सम्मिलित करने के लिए 14 नवंबर 2024 तथा (प्रधानाध्यापक (माशि) जिनका परिवीक्षा काल भी जुलाई 2023 में पूर्ण होना है) को भी शामिल करने के लिए अलग-अलग पत्र लिखकर अनावश्यक देरी की जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष निदेशालय की लेटलतीफी के विरोध में 13 जनवरी को 11 से 5 बजे तक एक दिवसीय सांकेतिक धरना एवं हल्ला बोल कार्यक्रम रखा जाएगा।

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