प्रिंस और हर्ष की कल्पनाशील व दूर नियंत्रित कार को पहला स्थान

भास्कर न्यूज | गढ़वा बीपी डीएवी पब्लिक स्कूल गढ़वा में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को विज्ञान, कला व शिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मौके पर केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 172वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार वर्मा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य आशीष कुमार मंडल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमांडेंट अजय कुमार वर्मा, विद्यालय के प्राचार्य आशीष कुमार मंडल ने दीप जलाकर किया। विज्ञान प्रदर्शनी के निर्णायक के रूप में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल के विज्ञान शिक्षक संजय कुमार व केंद्रीय विद्यालय गढ़वा के विज्ञान शिक्षक सुजीत कुमार पटेल उपस्थित थे। वहीं कला एवं शिल्प प्रदर्शनी के निर्णायक के रूप में गढ़वा से दीप्ति तिवारी व भवनाथपुर से रिया रासी शामिल थीं। प्रदर्शनी छठी व सातवीं कक्षा के प्रिंस कुमार व हर्ष की ओर से प्रस्तुत भविष्यवादी दूर-नियंत्रित कार को प्रथम, रिपुंजय धनराज व आर्य राज का वायु शोधन यंत्र द्वितीय व दिव्यांश, ऋतु राज एवं टीम की ओर से प्रस्तुत जल बोतल रॉकेट एवं स्वचालित अग्निशमन यंत्र को तृतीय पुरस्कार दिया गया। आठवीं व नवीं कक्षा में ओम गुप्ता, प्रांजलि दीक्षा एवं टीम की ओर से प्रस्तुत जल, सौर एवं पवन ऊर्जा संयंत्र को प्रथम, आयशा अवेज, आलिया एवं टीम के समेकित विज्ञान केंद्र को द्वितीय व श्रेष्ठ सिंह, तनय तिवारी एवं टीम के कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोबोट को तृतीय पुरस्कार। दसवीं व बारहवीं कक्षा में खुशबू कुमारी, अंजली गुप्ता एवं टीम की ओर से प्रस्तुत अपशिष्ट से विद्युत उत्पादन एवं त्रि-आयामी प्रकाश को प्रथम, अल्तमस रजा, मो. फैज एवं टीम के हृदय रोग का प्रतिरूपात्मक प्रदर्शन को द्वितीय व आर्या नंदिनी आकांक्षा रॉय व अदिति जायसवाल की ओर से प्रस्तुत रक्त शोधन (हीमोडायलिसिस) प्रणाली को तृतीय पुरस्कार दिया गया। वहीं कैनवास चित्रकला प्रतियोगिता में आदित्य कुमार, अर्धनिति सिंह व सान्वी तिवारी और कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में अरमान रज़ा व आध्या कुमारी का चयन किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल एवं परियोजनाएं उनके नवाचार, परिश्रम और कल्पनाशीलता का सशक्त प्रमाण हैं। इस प्रकार की विज्ञान, कला एवं शिल्प प्रदर्शनी विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और आत्मविश्वास को विकसित करती है। विद्यालय के प्राचार्य आशीष कुमार मंडल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नवाचार और तार्किक चिंतन की भावना सुदृढ़ होती है। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका ममता तिवारी और धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक डॉ शंभु कुमार तिवारी ने किया।

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