धनबाद का गैंगस्टर भगौड़ा प्रिंस खान को पकड़वाने पर 5 लाख रुपए तक का इनाम है। यह इनाम की राशि दो साल में 50 हजार से 5 लाख रुपए तक पहुंची है। अब पुलिस मुख्यालय प्रिंस खान को 30 लाख रुपए का इनामी घोषित करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, प्रिंस के भाई गोपी खान को पकड़वाने पर 20 लाख का इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही है। रंगदारी के लिए दहशत फैलाने झारखंड में सक्रिय बड़े संगठित आपराधिक गिरोहों के अपराधियों की धरपकड़ के लिए इनाम का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव झारखंड पुलिस मुख्यालय ने तैयार किया है। पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव भेजने के बाद गृह विभाग ने सभी पहलुओं पर विचार कर एक प्रस्ताव तैयार किया है। वित्त विभाग इनाम पर मंथन कर रहा इस प्रस्ताव को सरकार की सहमति के लिए विधि और वित्त विभाग के पास भेजा गया है। विधि विभाग ने सहमति दे दी है। मामला अब वित्त विभाग के पास है। वित्त विभाग इस पर मंथन कर रहा है। वित्त विभाग से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही दोनों के खिलाफ इनाम घोषित हो जाएगा। वर्ष 2021 के बाद से प्रिंस खान का कुनबे और उसके गुर्गों से न केवल धनबाद बल्कि बोकारो की पुलिस भी परेशान है। विदेश में बैठा प्रिंस रंगदारी के लिए फायरिंग व बम धमाके कर दहशत फैलाने का काम कर रहा है। नन्हे हत्याकांड के बाद भाग गया था विदेश
प्रिंस खान वासेपुर में 24 नवंबर 2021 को नन्हे हत्याकांड का नामजद आरोपी है। हत्याकांड के बाद पुलिस को चकमा देकर पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर फरार हो गया। उसके साथ गोपी खान भी है। देश छोड़ कर भागने के बाद धनबाद में अपना नेटवर्क खड़ा कर डॉक्टर, व्यवसायियों, बिल्डर, ठेकेदार सहित अन्य लोगों को रंगदारी के लिए फोन कर धमकी देने लगा। विदेश में बैठ कर उसने अपने गुर्गों के मार्फत धनबाद के अलावा बोकारो में फायरिंग की थी। हत्या, फायरिंग, रंगदारी जैसे मामले दर्ज
वासेपुर कमरमखदुमी के रहने वाले प्रिंस खान पर बिहार व झारखंड के अलग-अलग थानों में 90 से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, प्रिंस के भाई गोपी खान भी 20 से अधिक मामलों में आरोपी है। दोनों के खिलाफ हत्या, फायरिंग, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक अधिनियम, रंगदारी जैसे मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर पहले ही जारी कर चुकी है। इसको लेकर नई दिल्ली में इंटरपोल की भी सहायता ली जा रही है। ताकि गैंगस्टर प्रिंस खान को विदेश से गिरफ्तार करके लाया जा सके। इसको लेकर झारखंड पुलिस कई बिंदुओं पर इंटरपोल की सहायता ले रही हैं। बेरोजगार युवाओं को जोड़ता है गैंगे में प्रिंस खान की गैंग में कोई पॉपुलर चेहरा नहीं। वह वैसे लोगों को अपने गैंग में शामिल करता है, जो बेरोजगार युवा हो। उन्हें कुछ रुपए का लालच देकर काम कराता है। जबकि झारखंड ATS लगातार उनके गुर्गे का ठिकाने पर छापेमारी कर रही है। जहां से कई लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। 6 दिन पहले ही प्रिंस खान गैंग के चार सदस्य धराए
धनबाद स्थित बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के चार गुर्गों को 6 दिन पहले ही गिरफ्तार किया था। डीएसपी विधि व्यवस्था नौशाद आलम ने बताया कि एसएसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी की गई। पुलिस को देखकर करीब दस युवक भागने लगे, जिनमें से चार को दौड़ाकर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों से चार सुतली बम, चार गोली और एक देसी कट्टा बरामद किया गया है। क्या कहते हैं एसएसपी एसएसपी एचपी जनार्दनन के अनुसार, क्षेत्र में दो प्रमुख गैंग सक्रिय हैं। एक प्रिंस खान का गिरोह है, जबकि दूसरा जेल में मारे गए कुख्यात अमन सिंह का गिरोह है। जिसका नेतृत्व अब उसका दाहिना हाथ आशीष रंजन कर रहा है। दोनों अपराधी धनबाद से बाहर रहकर अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं। प्रिंस खान के विरुद्ध बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में कुल 90 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह 24 नवंबर 2021 से फरार है। जब गैंगस्टर फहीम खान के करीबी जमीन कारोबारी नन्हे खान की हत्या हुई थी। इंटरपोल ने प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। ————————————————— ये भी खबर पढ़िए गैंगस्टर बोला-मैंने 25 नहीं दो डॉक्टर से मांगी रंगदारी:कुख्यात प्रिंस ने ऑडियो जारी कर दी सफाई, कहा- डॉक्टरों को डरने की जरूरत नहीं धनबाद के वासेपुर के भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा धनबाद के डॉक्टरों से रंगदारी मांगे जाने का मामला फिर चर्चा में आ गया है। प्रिंस खान ने एक ऑडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उसका कहना है कि उसने 25 नहीं केवल दो डॉक्टरों से पैसे मांगे हैं। वो भी जमीन के मैटर में। किसी और द्वारा 25 डॉक्टरों से रंगदारी मांगी जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…


