प्रेमानंदजी से साइना नेहवाल ने पूछा- बहुत स्ट्रेस होता है:कल क्या होगा; मां-बहन के साथ वृंदावन दर्शन करने पहुंचीं

ओलंपिक मेडलिस्ट शटलर साइना नेहवाल वृंदावन दौरे पर हैं। गुरुवार को वह मां उषा और बहन चंद्रांशु के साथ संत प्रेमानंद के दर्शन करने उनके आश्रम पहुंचीं। साइना ने प्रेमानंद महाराज से पूछा-मुझे मंदिर जाना बहुत पसंद है। मैं काफी मंत्र भी जपती हूं। लेकिन जब मुझे लोग इवेंट्स में बुलाते हैं, तो इवेंट्स में जाने का सोचकर मैं थोड़ा स्ट्रेस में आ जाती हूं। बार-बार दिमाग में आता है कि कल क्या होगा…कल के इवेंट्स का क्या होगा। बहुत स्ट्रेस होता है। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा- अज्ञान की वृद्धि जब तक नष्ट नहीं होगी। तब तक वह चिंता सताती रहती है। वर्तमान का समय हम भगवान के नाम में लगा दें, तो हमारा भूत और भविष्य दोनों ठीक हो जाएगा। हम व्यर्थ में चिंतन करते हैं। कभी भूत का चिंतन हो जाता है तो कभी भविष्य का। दिमाग ही है। कभी बीते हुए कल की तो कभी आने वाले कल की काल्पनिक चिंता होने लगती थी। कभी मन में ऐसा आए कि मैं डर जाऊं, मैं शोक में हो जाऊं…तो ये जो चिंतन है, इसी से बचने के लिए नाम जप जरूरी है। दिमाग निगेटिव होने पर डिप्रेशन हो जाता है…
प्रेमानंद महाराज ने कहा- जब हमारी बुद्धि मलिन हो जाती है, तो निगेटिव चीजें ज्यादा दिमाग में आती हैं। जब बुद्धि ज्यादा निगेटिव हो जाती है तब वही डिप्रेशन में पहुंच जाता है। अगर हमारी बुद्धि पॉजिटिव रहेगी तो हम बड़ी समस्या में भी आनंदित रह सकते हैं। महाराज ने कहा- अगर हम राधा-राधा, कृष्ण-कृष्ण, राम-राम जो प्रिय हो, उसका नाम जप करते रहिए। पवित्र भोजन करिए। जो भगवान के भक्त हैं कैसी भी परिस्थिति हो, हर समय प्रसन्न रहते हैं। क्योंकि उनकी निगेटिव सोच खत्म हो जाती है। दरअसल, साइना अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर बीते दिनों सुर्खियों में आईं थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर शादी के सात साल बाद पति पारुपल्ली कश्यप से अलग होने की खबर शेयर की थी। फिर 19 दिनों के अंदर ही दोनों वापस साथ आ गए। दोनों ने अपने रिश्ते को एक ओर मौका दिया है। 3 साल बाद बांके बिहारी मंदिर पहुंचे प्रेमानंद
वृंदावन में संत प्रेमानंद शुक्रवार को अचानक बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने बांके बिहारी जी के दर्शन किए। यह पहला मौका था, जब 3 साल से सुर्खियों में आने के बाद संत प्रेमानंद महाराज दर्शन करने पहुंचे थे। संत प्रेमानंद को मंदिर में देखकर भक्तों की भीड़ उनसे मिलने के लिए उमड़ पड़ी। वह करीब 10 मिनट तक मंदिर में रहे। संत प्रेमानंद महाराज राधावल्लभ संप्रदाय से हैं। वह अक्सर राधावल्लभ जी के दर्शन करने जाते रहते हैं। लेकिन जब से वह सुर्खियों में आए हैं, उसके बाद से यह पहला मौका है जब वह बांके बिहारी जी के दर्शन करने पहुंचे हो। ——————————– ये खबर भी पढ़िए… भाइयों से बचने के लिए पति संग छिपकर रहती थी:लखनऊ में बहन ने कहा- शादी के लिए 8 साल इंतजार किया, एक कॉल ने खोले राज लखनऊ में 24 साल के युवक का शव नाले में उतराता मिला। उसके सालों ने ही उसे मार डाला है। मृतक की खता यह थी कि वह उनकी बहन से प्यार करता था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर दोनों ने आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली। लेकिन शादी के बाद इस प्रेमी जोड़े की मुश्किलें कम न हुई। भाइयों ने अपनी बहन की शादीशुदा जिंदगी को नरक बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। शादी के बाद युवक के घर में आग लगा दी। शादी के डेढ़ साल बाद ही बहन को विधवा कर दिया। (पूरी खबर पढ़िए)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *