भरतपुर सांसद कल वृंदावन पहुंची और वहां पर प्रेमानंद महाराज से मिली। इस दौरान उन्होंने अपने साधारण जीवन और सांसद के रूप में प्रेमानंद महाराज से सवाल किए। जिसके बाद सांसद दिल्ली निकल गई जहां उन्होंने पार्टी की मीटिंग में भाग लिया। सांसद का कहना है की पहले की अपेक्षा सांसद बनने के बाद उनका जीवन ज्यादा बिजी हो गया है। भरतपुर सांसद संजना जाटव ने प्रेमानंद महाराज से पूछा की मैं अब से पहले घरेलू महिला थी। रोज दैनिक कामकाज और परिवार को संभालना और पूजा पाठ से सीमित थी। 3 साल में जनता ने मुझे सांसद के रूप में चुना। जिसे मुझे परिवार के अलावा आमजन की सेवा के लिए तत्पर रहना पड़ता है। अब मैं अपने परिवार और सगे संबंधियों के लिए समय नहीं दे पा रही। जिससे कई बार हम समझ नहीं पाते। ऐसे में क्या करूं। सभी कार्य सकुशल कैसे करें। जिस पर प्रेमानंद महाराज ने जवाब देते हुए कहा की यह बहुत उत्तम बात है। पहले आप अपने परिवार को 4 से 6 लोगों में समझ रही थी। अब आपका परिवार हजारों की संख्या में हो रहा है। ऐसी भावना कीजिये। ऐसा नहीं मेरा परिवार दूसरे का परिवार, आपका परिवार बड़ा परिवार हो गया है। प्रलोभन और भय का त्याग कर हजारों लोगों की सेवा का सौभाग्य इस सांसद पद से प्राप्त किया है। प्रलोभन किसी अर्थ आदी के द्बारा हमारे सिद्धांत को कोई बदल दे उसे प्रलोभन कहते हैं। यही धर्म पूर्वक चला जाए और प्रलोभन का त्याग कर दिया जाए। भय और प्रलोभन से बचकर जो पद मिला है उसे समाज सेवा में लगाया जाए। वह भगवान की पूजा ही है। अलग से पूजा अगर आपसे न हो पाए तो, भी भगवान की पूजा है। क्योंकि यह सृष्टि भगवान का स्वरूप है। जो आपको पद मिला वह भगवान की सेवा मिली है। इस भाव से करें तो, बहुत बढ़िया भजन बन जाए। बीच-बीच में नाम भजन कर लिया करें। जितने भूमि में लोग वह सभी हमारे परिवार के लोग हैं। हम थोड़े में अपना और थोड़े में पराया लगा लेते हैं। यह भगवान की माया का भेद है। इसे मिटाओ बहुत बड़ा परिवार अब आपको मिल गया है। उसकी सेवा में सलंग्न हो। भय और प्रलोभन का त्याग कर अपना कर्तव्य मानकर नाम जप करते हुए इसी जन्म में काम भी बन जाएगा। भगवान की कृपा प्राप्त हो जाएगी। जिसके बाद सांसद संजना जाटव ने कहा आज मुझे बहुत सुख का दिन है जो आज मुझे आपके दर्शन लाभ मिले। मैं आपको देखती हूं और सुनती हूं आज मुझे भगवान के रूप में दर्शन लाभ मिले। आज में राधा रानी का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं। सांसद संजना जाटव ने बताया की सांसद बनने के बाद उन्हें परिवार के लिए समय नहीं मिलता। वह सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले अपने दोनों बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती हैं। उसके बाद घर के काम में लग जाती हैं। सुबह 9 बजे से उनके घर कठूमर में लोग मिलने के लिए आ जाते हैं। जिसके बाद लोगों से मिलती हैं इलाके में जाती हैं पार्टी की मीटिंग में भाग लेती हैं। ऐसे ही उनका पूरा दिन निकल जाता है। घर पर बच्चे अकेले रहते हैं। उन्हें सास और ससुर संभालते हैं। कल वह सुबह 5 बजे प्रेमानंद महाराज से मिली थी। उनके साथ उनके पति कप्तान सिंह और बेटा कार्तिक (7) साथ गया था। प्रेमानंद महाराज से मिलने के बाद सांसद वहां से दिल्ली निकल गई। दिल्ली में 9 बजे मीटिंग जिसमें सांसद ने भाग लिया।


