प्रेम ही जीवन का सीमेंट होता है, बच्चों को सिखाया आत्मज्ञान

बालोद. आत्मज्ञान भवन में लगाए गए समर कैंप में उपस्थित बच्चे। बालोद| प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा में समर कैंप चल रहा है। मंगलवार को इसका सप्तम दिवस था। इस अवसर पर बीके धनेश्वरी दीदी ने बच्चों को प्रेम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि प्रेम एक सुंदर अनुभूति है, जो जीवन को रहने लायक बनाती है। जहां प्रेम नहीं होता, वहां इंसान तो क्या जानवर भी नहीं रहना चाहते। धनेश्वरी दीदी ने कहा कि जैसे किसी सुंदर मकान को बनाने के लिए ईंट, लोहा, रेत, मार्बल की जरूरत होती है और इन सबको जोड़ने का काम सीमेंट करता है, वैसे ही समाज में इंसानों को जोड़ने का काम प्रेम करता है। प्रेम ही वह सीमेंट है, जो मानव को परिवार, समाज और राष्ट्र से जोड़ता है। उन्होंने बच्चों को बताया कि प्रेम सबसे पहले स्वयं से होना चाहिए। फिर स्कूल, सहपाठियों, साथियों, परिवार, प्रकृति, देश और प्रभु से प्रेम करना चाहिए।

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