छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चुनाव लंबे समय से नहीं हुए हैं, इस कारण कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। दाे बार 6-6 माह की अवधि बढ़ाने के बाद फरवरी 2021 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। इसे लेकर अधिवक्ताओं को हो रही परेशानियों और इसे लेकर लगातार पत्र मिलने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जवाब देने के लिए कहा गया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के लिए चुनाव फरवरी 2015 में हुए थे। इसका कार्यकाल फरवरी 2020 था। कोरोना के कारण इसके बाद दो बार 6-6 माह का कार्यकाल बढ़ाया गया। यह भी फरवरी 2021 में समाप्त हो गया। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने चुनाव होने तक के लिए विशेष समिति का गठन किया। इसमें महाधिवक्ता पदेन अध्यक्ष और दो वकीलों को कार्यकारी सदस्य बनाया गया। नियमों के अनुसार 6-6 माह की अवधि भी दो बार ही बढ़ाई जा सकती थी, इसके बाद कार्यकाल बढ़ाने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को बाकायदा कारण का उल्लेख करते हुए आदेश जारी करना था। चुनाव नहीं होने के कारण नए अधिवक्ताओं के रजिस्ट्रेशन, अधिकारों की रक्षा जैसे कार्य 2021 से ठप हैं।


