फरारी काटने के लिए ट्रेनों में मांग रहे थे भीख:लगातार दबिशों से ध्वस्त हुए छिपने के ठिकाने, हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड 50 हजार के इनामी तीन आरोपी गिरफ्तार

हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड के तीन मुख्य और 50-50 हजार के इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी अपनी फरारी के दौरान पुलिस से बचने के लिए ट्रेनों में भिखारी बनकर भीख मांगकर गुजारा कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि मुख्य आरोपी हितेश मील, प्रशांत उर्फ पोखर, और अजय उर्फ संदीप जाट को धर-दबोचा गया। आईजी जयपुर ने मनदीप उर्फ मदिया सहित 6 बदमाशों पर 50- 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। भीख मांगकर फरारी काटने को मजबूर हुए हत्यारे पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी ज्यादातर ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सफर कर रहे हैं और उनके पास पैसे नहीं हैं। आर्थिक तंगी से जूझते हुए उन्होंने अपने नजदीकी लोगों से मदद चाही, लेकिन पुलिस के डर से किसी ने सहयोग नहीं किया। तीनों हट्टे-कट्टे आरोपियों को मजबूरन फटे-पुराने कपड़े पहनकर ट्रेनों में भीख मांगनी पड़ी। वे अमृतसर, दिल्ली, आगरा, धौलपुर, ग्वालियर, बीना, औरंगाबाद, नांदेड़ और महाराष्ट्र के रूट पर सचखंड एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के जनरल डिब्बों में भीख मांगकर अपना पेट भर रहे थे। पुलिस के डर से ये आरोपी कई-कई दिनों तक रेलवे स्टेशन और ट्रेन से नीचे नहीं उतरे, जिसके कारण उन्हें 2-2 दिन तक भूखे रहने की नौबत भी आई। धौलपुर जंक्शन पर हुई गिरफ्तारी विशेष टीम को जैसे ही इनपुट मिला कि आरोपी औरंगाबाद की तरफ से सचखंड एक्सप्रेस में आगरा की ओर आ रहे हैं, टीम तत्काल धौलपुर जंक्शन पहुंची। कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार की विशेष भूमिका पर सूचना विकसित की गई। धौलपुर रेलवे स्टेशन पर जनरल डिब्बों की तलाशी के दौरान, टीम ने तीनों आरोपियों—प्रशांत उर्फ पोखर, हितेश मील और अजय उर्फ संदीप—को भीख मांगते हुए पहचान लिया और उन्हें तुरंत दस्तयाब किया गया। हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड 20 अक्टूबर 2025 को डेनिस उर्फ नरेश कुमार ने एसएमएस अस्पताल, जयपुर में दिए अपने पर्चा बयान में बताया था कि जब वह अपने साथियों के साथ चूरू बाईपास पर रुके थे, तभी 3 कैंपर गाड़ियों में आए प्रशांत उर्फ पोखर, दीपक मालसरिया, मंदीप उर्फ मदिया, हितेश मील, अजय जाट व अन्य 10-15 लोगों ने उनकी स्कॉर्पियो को टक्कर मारी। इन लोगों ने लोहे के पाइपों से डेनिस पर जानलेवा हमला किया, उसका अपहरण कर रसौड़ा गांव ले गए, जहां फिर मारपीट कर पटक दिया। हमलावर उसकी सोने की चेन, अंगूठी और 3 लाख रुपये नकद लूट ले गए थे। गंभीर रूप से घायल डेनिस उर्फ नरेश कुमार की इलाज के दौरान 21 अक्टूबर 2025 को मृत्यु हो गई। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी गोपाल सिंह ढ़ाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। कांस्टेबल प्रवीण जाखड़ की भूमिका अहम इस कार्रवाई के केंद्र में कांस्टेबल प्रवीण जाखड़ की खुफिया सूचना रही, जिसने पूरी टीम के लिए दिशा तय की। स्टेशन, ट्रेन और जनरल कोच की गहन जांच के बाद तीनों आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। टीम के संयम, धैर्य और रणनीति ने कई जिलों में फैली इस चुनौतीपूर्ण तलाश को सफल बनाया। इस नवीनतम सफलता से पहले, पुलिस टीम इस मामले में 09 मुल्जिमानों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। तीन मुख्य आरोपियों की इस गिरफ्तारी के साथ, अब तक कुल 12 आरोपी कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। ये हुई गिरफ्तारी * हितेश मील पुत्र नेमीचन्द, उम्र 26 साल, निवासी बसन्त विहार, झुंझुनूं * प्रशांत उर्फ पोखर पुत्र सुरेश कुमार, उम्र 20 साल, निवासी जीत की ढाणी, थाना धनूरी * अजय उर्फ संदीप जाट पुत्र जगदीश, उम्र 23 साल, निवासी पन्ने सिंह की ढाणी तन ठेलासर, चूरू।

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