पंजाब के फरीदकोट में आज यानी मंगलवार को टीचर्स ने पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर को घेर दिया। गांव संधवां में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) की जिला इकाई ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत टीचर्स की अन्य मांगों को लेकर संधवां के घर के सामने धरना दिया और पुतला फूंकते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला स्तरीय धरने में टीचर्स ने कहा कि राज्य में सरकार बनाने से पहले आम आदमी पार्टी ने सभी वर्गों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अभी तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया है। 2022 के चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनते ही पंजाब में पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक यह योजना बहाल नहीं की गई है। इसके विपरीत आम आदमी पार्टी ने हिमाचल और गुजरात चुनावों से पहले पंजाब में एक नोटिफिकेशन जारी कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की घोषणा की और इसका हिमाचल और गुजरात में प्रचार किया गया, लेकिन यह नोटिफिकेशन झूठा ही साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अगर टीचर्स समेत कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो इस सरकार को भी अन्य पार्टियों की पिछली सरकारों की तरह आगामी चुनावों में हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछली सरकारों की तरह ही कार्य कर रही आप सरकार-डीटीएफ
इस अवसर पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खी और अध्यापक नेता गगन पाहवा ने कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से वह न केवल सरकार को सुचेत कर रहे हैं। बल्कि लोगों को भी जागरूक कर रहे है कि आम आदमी पार्टी और उसकी सरकार लोगों को सिर्फ और सिर्फ गुमराह कर रही है और अन्य राजनीतिक पार्टियों की आलोचना करके आगे आने वाली आम आदमी पार्टी भी उन्हीं सरकारों की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन योजना समेत अन्य लंबित मांगों को पूरा न किया तो समूचा अध्यापक वर्ग संघर्ष तेज करने को मजबूर होगा।


