फरीदकोट| संयुक्त किसान मोर्चा गैरराजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का सोमवार को फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, बाजाखाना और सादिक में व्यापक असर दिखा। फरीदकोट शहर में सुबह से ही बाजार, सब्जी मंडी, प्राइवेट सेक्टर बंद रहे। इस दौरान किसान संगठनों ने पूरे शहर में रोष मार्च निकाला। इस दौरान इक्का-दुक्का खुली दुकानों को बंद करवाया। फरीदकोट में किसान संगठनों द्वारा सरकारी संस्थानों को जबरन बंद कराने को लेकर विवाद हो गया। जुबली चौक के पास ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) का ऑफिस बंद करवाने पहुंचे किसानों की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगतार सिंह के साथ बहसबाजी हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। किसान नेता शरणजीत सिंह ने कहा कि ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी ने किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया और अपशब्द बोले। दूसरी तरफ शिक्षा अधिकारी जगतार सिंह ने किसानों पर गुंडागर्दी करके ऑफिस का दरवाजा तोड़ने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। बाजार, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सन्नाटा रहा। किसानों ने अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाइवे पर गांव कलेर के पास, फरीदकोट के चहल रोड नहरों के पुल पर, कोटकपूरा के मेन चौक में, बरगाड़ी के बस स्टैंड पर,सादिक के संदूरा सिंह चौक में,जैतो के बस स्टैंड पर,जैतो के नजदीक गांव डेलियांवाली के पुल पर, कोटकपूरा के नजदीक गांव कोठे गजन सिंह वाला में किसान संगठनों ने प्रदर्शन कर रोड जाम किए। इस दौरान विधायक फरीदकोट गुरदित्त सिंह सेखों भी चहल रोड पर लगे धरने पर पहुंचे, लेकिन किसानों द्वारा भाव न दिए जाने पर कुछ देर रुक कर यूनियन नेताओं से बात कर वापस लौट गए। अमृतसर- बठिंडा नेशनल हाइवे पर मांगांे को लेकर प्रदर्शन धरने पर किसान संगठनों के सदस्य। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


