फरीदकोट जिला पुलिस द्वारा हेरोइन तस्करी मामले में जगमीत सिंह सन्नी नामक व्यक्ति को क्लीन चिट दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस तथाकथित आरोपी को फरीदकोट से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों का करीबी माना जाता रहा है और उसे क्लीन चिट मिलने से राजनीतिक तौर पर आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल को सिटी फरीदकोट पुलिस ने जगमीत सिंह के साथ महकदीप सिंह, हरजीत सिंह उर्फ जीता और संदीप सिंह उर्फ सनी को एक वेंटो कार के साथ गिरफ्तार किया था। उस दिन संदीप सिंह के पास से 26 ग्राम हेरोइन और कार के गियर बॉक्स से 284 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। पुलिस ने बनाई ती ये रिपोर्ट इस मामले में आरोपी जगमीत सिंह के भाई जगदीप सिंह ने आवेदन पर पुलिस बनाई जिसने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि जगमीत को कार में हेरोइन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने किसी परिचित से कार उधार लेकर संदीप सिंह को लिफ्ट दी थी और उसे अन्य आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। डोप टेस्ट आया था पॉजिटिव हालांकि जगमीत सिंह का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया था। पर अब एसआईटी जांच में बताया कि जगमीत की लिवर की दवाई चलती है। जिसके चलते डोप टेस्ट पॉजिटिव आया हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर फरीदकोट रेंज के डीआईजी ने जगमीत सिंह को बेगुनाह करार दे दिया और 5 अगस्त को उसे आधिकारिक तौर पर पुलिस ने निर्दोष घोषित कर दिया गया। कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों ने कहा कि नशा तस्करी जैसे गंभीर केस में क्लीन चिट बेहद चिंताजनक है, एक तरफ राज्य सरकार द्वारा नशे के खिलाफ युद्ध अभियान चलाया जा रहा है जबकि आप पार्टी के चहेतों को बख्शा जा रहा है। यदि जगमीत सिंह पर झूठा केस दर्ज हुआ था तो केस दर्ज करने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की जाए।


