फर्जीवाड़े पर सख्ती:7 माह पहले 60 कॉलेजों को शर्तों के साथ संबद्धता दी

जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबद्ध बीएड कॉलेजों में सामने आए फर्जीवाड़े और लापरवाही के मामलों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सत्र 2025-26 के लिए करीब सात माह पहले 60 बीएड कॉलेजों को कमियों के बावजूद सशर्त संबद्धता दी गई थी। शर्त यह थी कि जिन कॉलेजों में शिक्षक, लैब, लाइब्रेरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य शैक्षणिक कमियां हैं, वे 30 सितंबर तक शपथ पत्र सहित पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसके बावजूद तीन बार नोटिस जारी करने के बाद भी 17 बीएड कॉलेजों ने पालन प्रतिवेदन जमा नहीं किया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जेयू प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इन कॉलेजों को सत्र 2026-27 की संबद्धता प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। इसके तहत एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर इन 17 कॉलेजों के लिए आवेदन लिंक ही नहीं खोला गया है। इसका मतलब यह है कि ये कॉलेज न तो निरीक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और न ही अगले सत्र में संबद्धता पा सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कमियों के बावजूद संबद्धता छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अस्थायी रूप से दी गई थी, लेकिन कुछ कॉलेजों ने इसे ढील समझ लिया। समय पर शपथ पत्र और प्रमाणित दस्तावेज न देना नियमों की खुली अवहेलना है। सत्र 2026-27 की संबद्धता के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर फीस जमा करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी तय की गई है। हार्ड कॉपी और सत्यापित दस्तावेज 12 जनवरी तक जमा करना अनिवार्य होगा। वहीं, 25 दिसंबर तक विषय या कॉलेज बंद करने के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 17 कॉलेजों ने शपथ पत्र जमा नहीं किया अंचल में बीएड के 105 कॉलेज हैं। इनमें 60 कॉलेजों को कमियों के चलते सशर्त संबद्धता दी गई थी। 43 कॉलेजों ने समय पर पालन प्रतिवेदन दे दिया, लेकिन 17 कॉलेज शपथ पत्र व दस्तावेज जमा नहीं कर पाए। इसलिए सत्र 2026-27 के लिए इन कॉलेजों का पोर्टल लिंक नहीं खोला गया।
-डॉ. शांतिदेव सिसोदिया, डीसीडीसी, जेयू

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *