अजमेर के कोर्ट में जमानत के रूप में फर्जी दस्तावेज पेश करने का एक और मामला सामने आया है। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या-02 अजमेर के रीडर कन्हैयालाल खानचंदानी ने सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि कोर्ट में लंबित नियमित फौजदारी केस संख्या 322/2020 सरकार बनाम फैयाज वगैरह में घीसा खां पुत्र मिट्टू खां निवासी गुर्जर का चौक, श्रीराम टीला, शास्त्री नगर, जयपुर ने आरोपी शफीक की जमानत न्यायालय के सामने पेश की। इसमें एक अलॉटमेंट सर्टिफिकेट श्री महावीर नगर गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड जयपुर की ओर से जारी होना बताते हुए प्रोविजनल एलॉटमेंट सर्टिफिकेट पेश किया। आरोपी फैयाज और अन्य के अनुपस्थित होने पर जानकारी में आया कि घीसा खां पुत्र मिट्टू खां ने कूटरचित, बनावटी व झूठे डॉक्युमेंट्स जमानत के तौर पर पेश किए। ये अपराध की श्रेणी में आता है। पूर्व में भी आरोपी के खिलाफ ऐसा ही मामला सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया है। इस कारण मामला दर्ज कर जांच की जाए कि व्यक्ति की ओर से कौन-कौन सी अदालतों में कितनी बार कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स के आधार पर जमानतें प्रस्तुत की हैं। तथाकथित जमानतों के समय प्रस्तुत दस्तावेजात के संबंध में भी जांच करें। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई गिरीराज को सौंपी है। पढें ये खबर भी… अब फायसागर का नाम वरूण सागर होगा:नगर निगम ने जारी किया आदेश, सवा सौ साल पुराना है इतिहास अजमेर के सवा सौ साल पुरानी फायसागर झील का नाम बदल दिया गया है। अब यह वरूण सागर झील के नाम से जानी जाएगी। नगर निगम ने इस संबंध में आदेश जारी किया हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए करें क्लिक


