दुनिया के सबसे जाने माने एनर्जी आयोजनों में से एक इंडिया एनर्जी वीक नई दिल्ली के यशोभूमि में आरम्भ हुआ। इस कॉन्फ्रेंस में, जहां देश-विदेश के पेट्रोलियम एक्सपर्ट्स पहुंचे हुए हैं। बाड़मेर तेल क्षेत्रों के एक्सपर्ट अपनी महत्ती भूमिका निभा रहे हैं। केयर्न ऑयल एंड गैस के सामाजिक सरोकार कार्यक्रमों से जुड़े जीजी बाई स्वयं सहायता समूह यहाँ आयोजित प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह कार्यक्रम 11 से 14 फरवरी तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान केयर्न ऑयल एंड गैस भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के अपने संकल्प को प्रस्तुत करेगा। कंपनी घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए डीप सी, टाइट ऑयल, एएसपी, शेल और नॉर्थ ईस्ट के बड़े एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। कंपनी ने वैश्विक तेल और गैस विशेषज्ञों, सेवा प्रदाताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक्सप्लोरेशन के लिए आमंत्रित किया है। ताकि भारत में हाइड्रोकार्बन के विशाल संभावनाओं का पता लगाया जा सके। केयर्न का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी घरेलू ऊर्जा उत्पादन को अधिकतम करने, आयात निर्भरता को कम करने और भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी की विकास रणनीति पर बोलते हुए, केयर्न के मुख्य वित्तीय अधिकारी हितेश वैद ने कहा- “वर्तमान भू-राजनीतिक परिवेश और सुधारों के साथ, भारत ऊर्जा परिवर्तन के केंद्र में है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। हम निरंतर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं। हम इस वैश्विक मंच पर कंपनियों और सेवा प्रदाताओं से मिलने के लिए उत्साहित हैं, जो घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात निर्भरता कम करने और एक मजबूत भारत बनाने के लक्ष्य में हमारी सहायता कर सकते हैं।” इसी आयोजन में बाड़मेर के तेल क्षेत्रों के समीप रहने वाली ग्रामीण महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई है। जीजी बाई स्वयं सहायता समूह श्री अन्न पर आधारित बेकरी आइटम्स मिलेट कुकीज तैयार करती हैं।


