फर्जी डॉक्युमेंट से नौकरी, 60-महीने से सैलरी ले रहे पीटीआई:7 साल पुरानी इस भर्ती में भी फर्जीवाड़ा, यूनिवर्सिटी खुलने से दो साल पहले की डिग्री

पीटीआई भर्ती-2022 ही नहीं 2018 की भर्ती में भी बड़े स्तर फर्जीवाड़ा हुआ था। राजस्थान एसओजी ने 7 साल पुरानी इस भर्ती के 100 से ज्यादा चयनितों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। ये पिछले 5 साल से नौकरी कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि 4655 पदों के लिए हुई इस भर्ती में चयनितों की डिग्री का भौतिक सत्यापन तक नहीं किया गया। शिक्षा विभाग ने ज्यादातर सत्यापन पत्र व्यवहार से किए। ऐसे में संदेह के घेरे में आई यूनिवर्सिटी ने जो भी लिखकर भेजा उसी को विश्वसनीय मानकर नियुक्ति दे दी गई। ऐसे कुछ पीटीआई की फर्जी डिग्रियों के दस्तावेज भास्कर के हाथ भी लगे है। पढ़िए- पूरी रिपोर्ट… 2022 की भर्ती की जांच के दौरान पकड़ में आया फर्जीवाड़ा दरअसल, एसओजी पीटीआई भर्ती-2022 में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। इस मामले में सबसे पहले चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी का फर्जीवाड़ा सामने आया था। जहां से हजारों की संख्या में बैकडेट में B.P.Ed की डिग्रियों को बांटा गया था। करीब 10 महीने पहले जून 2024 में एसओजी ने यूनिवर्सिटी में रेड मारी थी। इस दौरान पिछले वर्षों के दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया था। दस्तावेजों की जांच में 2018 पीटीआई भर्ती से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले। ऐसे 100 से ज्यादा नाम मिले हैं, जो 2018 की भर्ती में फर्जी डिग्री देकर लगे थे और पिछले 5 साल से नौकरी कर रहे हैं। एसओजी ने ऐसे अभ्यर्थियों के डॉक्युमेंट वेरिफाई भी कर लिए हैं, जो पूरी तरह से फर्जी पाए गए हैं। ऐसे में अब इस भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। यूनिवर्सिटी शुरू होने से पहले की डिग्रियां पीटीआई भर्ती के लिए बीपीएड की डिग्री होना अनिवार्य है। ओपीजेएस यूनिवर्सिटी को B.P.Ed के कोर्स करवाने के लिए 2016 में मान्यता मिली थी। लेकिन वर्ष 2018 में नियुक्ति पाने वाले कई अभ्यर्थियों के पास इसी यूनिवर्सिटी की 2016 से पहले की बीपीएड की डिग्री मिली है। एसओजी ने जांच में पाया है कि जॉइनिंग के दौरान डिग्रियों का सत्यापन भी गंभीरता से नहीं हुआ। दस्तावेजों में साफ तौर पर साल लिखा है। जिनमें संबंधित यूनिवर्सिटी में इस भर्ती से जुड़े कोर्स को करवाने की मान्यता नहीं थी। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या 100 से ज्यादा है। एसओजी ऐसे सभी पीटीआई को जल्द पूछताछ के लिए बुलाने वाली है। ऑनलाइन और ऑफलाइन डिटेल भी अलग कई अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में नाम में भी अंतर पाया गया है। इस भर्ती में 8682 अभ्यर्थी प्रदेश से बाहर के थे। इनमें से कई सिलेक्ट हुए हैं, जिनकी बीपीएड की डिग्रियां संदेह के घेरे में हैं। टीएसपी क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे शारीरिक शिक्षक एसओजी अधिकारियों ने बताया कि जिन शारीरिक शिक्षकों की डिग्रियों की जांच की जा रही है वह सभी टीएसपी क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे हैं। इसमें डूंगरपुर व बांसवाड़ा जिले के पीटीआई की संख्या ज्यादा है। इन सभी के बारे में माध्यमिक शिक्षा विभाग व शिक्षा निदेशालय बीकानेर से जानकारी मांगी गई है। जैसे – जैसे इन पीटीआई के दस्तावेज आ रहे हैं उनकी जांच की जा रही है। हर वर्ष 100 सीट का आवंटन, डिग्रियां ज्यादा लोगों को बांटीं एसओजी अधिकारियों ने जांच में पाया कि वर्ष 2018 की पीटीआई भर्ती में सबसे ज्यादा ओपीजेएस से B.P.Ed डिग्री धारकों ने आवेदन किया था। यूनिवर्सिटी भी 2016 में ही खुली थी, तभी इस यूनिवर्सिटी को संबंधित कोर्स के लिए मान्यता मिली थी। इसे हर साल B.P.Ed के लिए 100 सीट आवंटित की गई थी। लेकिन हजारों की तादाद में फर्जी तरीके से डिग्रियां बांट दी गई। कुल कितने लोगों को डिग्री बांटी गई यह अभी जांच का विषय है। जिनकी डिग्री फर्जी, उनकी फीस कैश में जांच में एसओजी को फर्जी डिग्री मामले सबसे हैरान करने वाला सुराग फीस को लेकर मिला है। जिन यूनिवर्सिटी में अभ्यर्थियों ने नियमों के तहत सही तरह से B.P.Ed की डिग्री हासिल की है। उन सभी स्टूडेंट की फीस ऑनलाइन या डीडी के जरिए जमा करवाई गई है। वहीं जितनी भी फर्जी डिग्री बांटी गई हैं। उन सभी की फीस यूनिवर्सिटी में कैश जमा करवाई गई है। सरकार ने 141 अभ्यर्थियों को माना फर्जी पीटीआई भर्ती 2018 को लेकर छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने हाल ही में (7 फरवरी) सरकार से विधानसभा में पूछा था कि इस भर्ती डिग्रियों की जांच की गई तो कितनी डिग्रियां फर्जी पाई गईं। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक ग्रेड-।।। भर्ती 2018 में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के मूल आवेदन पत्र विभाग को चयन बोर्ड द्वारा नियुक्ति के लिए भिजवाए गए थे। नियुक्ति आदेशों को लेकर भी जानकारी दी गई। भौतिक सत्यापन में यूनिवर्सिटीज से 51 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र पर आक्षेप-नकारात्मक सत्यापन भेजी गई। इनके डॉक्युमेंट्स को कूट रचित या फर्जी माना गया। इनकी रिपोर्ट डीईओ से विभाग को भेजी गई। इसके अलावा प्रोविजनल 235 अभ्यर्थियों के डॉक्युमेंट्स की विभाग स्तर पर जांच करवाई गई। इन अभ्यर्थियों में से 90 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन रिपोर्ट फर्जी पाई गई थी। एसओजी ने शिक्षा निदेशक और RPSC को लेटर लिखकर उठाए सवाल एसओजी ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर, कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष व राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर को एक लेटर (कब?) भेजा था। जिसमें सवाल उठाया था कि 2022 की पीटीआई भर्ती में तो व्यक्तिगत तरीके से डिग्रियों का सत्यापन किया लेकिन 2018 में केवल डाक द्वारा पत्र भेजकर ही क्यों खानापूर्ति की गई? इसी कारण से बैकडेट में डिग्री प्राप्त करने वालों का वेरिफिकेशन नहीं हो पाया। यूनिवर्सिटी में अभ्यर्थी के एडमिशन का रिकॉर्ड, फीस भरने का प्रमाण और अन्य फैक्ट जिसमें कैंडिडेट के एडमिशन की वैधता सिद्ध हो। इस संबंध में जांच नहीं की गई। पूर्णत विश्वसनीय प्रक्रिया नहीं करने के बावजूद आरोपियों को नियुक्ति जारी किए गए। फर्जी डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा उक्त परीक्षा में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर या अनुचित साधनों का उपयोग करके परीक्षा पास की। जांच में लगातार नाम सामने आ रहे हैं SOG के एएसपी धर्माराम गिला ने बताया कि पीटीआई भर्ती परीक्षा- 2022 में फर्जीवाड़े का आंकड़ा काफी बड़ा होने का अनुमान है। जैसे-जैसे डॉक्युमेंट की जांच हो रही है, मामले दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं 2018 पीटीआई भर्ती की जांच को भी शुरू किया है। अभी ओपीजेएस चूरू से फर्जी डिग्री पाकर पीटीआई की नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेज सामने आए हैं। शिक्षा विभाग व चयन बोर्ड से दस्तावेज मंगवाए जा रहे हैं। इनकी जांच की जा रही है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि ओपीजेएस की डिग्रियों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा पाया गया है। नौकरी लग चुके कई पीटीआई के पास इस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री हैं। यूनिवर्सिटी से जब्त किए गए दस्तावेज की जांच की जा रही है। हजारों की संख्या में इस यूनिवर्सिटी से बैकडेट में B.P.Ed की डिग्रियां बांटी गईं। …. पीटीआई भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फर्जी डिग्री से नौकरी लगे 500 पीटीआई, कई 12वीं पास:डमी कैंडिडेट्स भी बैठाए; SOG की जांच में दावा- जॉइनिंग में रिश्वत का भी खेल राजस्थान में फर्जी डिग्री लेकर नौकरी कर रहे 500 से ज्यादा पीटीआई SOG की रडार पर हैं। एसओजी ने इनके खिलाफ पूरे सबूत जुटा लिए हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार ने 134 पीटीआई को बर्खास्त किया था…(CLICK कर पूरा पढ़ें)

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