गुना जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुकानों का रजिस्ट्रेशन (गुमास्ता) कराने वाले 7 दुकानदारों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इन सभी ने ऑनलाइन सिस्टम में गलत जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन हासिल किया था। श्रम विभाग की जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराने के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा जिला स्तरीय समीक्षा में दिए गए निर्देशों के बाद हुई है। इन 7 प्रतिष्ठानों के मालिकों पर होगी कार्रवाई
जांच के दौरान जिले में 7 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें दुकानदारों ने अधिकारियों को गुमराह किया। इन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं… ऑटो अप्रूवल सिस्टम का उठाया फायदा
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानदारों ने मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 के तहत मिलने वाली ‘स्व-घोषणा’ (Auto Approval) प्रणाली का दुरुपयोग किया। इन्होंने जानबूझकर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज अपलोड किए और गलत जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया। BNS की इन धाराओं में केस दर्ज
प्रशासन ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर अपराध माना है। आरोपियों के खिलाफ धारा 316, 318, 336, 338, 340 और अन्य धाराओं के तहत कोतवाली में मामला दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे पंजीयन के लिए केवल सही जानकारी ही दें, अन्यथा फर्जीवाड़ा करने पर जेल जाना पड़ सकता है।


