धौलपुर पुलिस ने वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट लगाकर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
इस मामले में बूंदी के एक हिस्ट्रीशीटर सहित 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई धौलपुर निवासी एक पीड़ित की शिकायत के आधार पर की गई। धौलपुर के कच्ची कुई, पुराना शहर निवासी मुकेशचंद शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके नाम पर पंजीकृत हुंडई कार सामान्यतः उनके घर या धौलपुर में ही रहती है। इसके बावजूद, उन्हें 9-10 अगस्त की रात को कोटा शहर यातायात पुलिस द्वारा उनकी कार का ऑनलाइन चालान कटने का संदेश प्राप्त हुआ। घर पर खड़ी गाड़ी का कोटा में कटा था चालान
जांच में सामने आया कि उनकी कार का चालान 26 जुलाई को कोटा में किया गया था, जबकि उनकी गाड़ी उस समय कोटा में मौजूद नहीं थी। इसी प्रकार उन्हें 8 नवंबर और 13 नवंबर को भी कोटा यातायात पुलिस से चालान के मैसेज मिले। मुकेशचंद ने स्पष्ट किया कि उनकी गाड़ी इन तिथियों पर कोटा नहीं गई थी। फास्टैग बंद होने का भी आया मैसेज
इसके बाद 16 नवंबर को उन्हें अपनी कार का फास्टैग बंद होने का संदेश प्राप्त हुआ। आईएचएमसीएल (IHMCL) की वेबसाइट पर जांच करने पर ज्ञात हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने इंडसइंड बैंक का फर्जी आरसी बनवाकर पुरुषोत्तम नाम से दूसरा फास्टैग जारी करवा लिया था। 11 अगस्त को कोतवाली में दी रिपोर्ट
पीड़ित को संदेह हुआ कि कोई अन्य व्यक्ति उनकी कार की नंबर प्लेट का उपयोग किसी दूसरी गाड़ी पर कर रहा है और उनके नंबरों का दुरुपयोग गलत कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने की भी आशंका व्यक्त की। इस संबंध में पीड़ित ने 11 अगस्त को धौलपुर पुलिस अधीक्षक को शिकायत प्रस्तुत कर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया। फर्जी फास्टैग से पकड़े गए आरोपी
मामले की जांच करते हुए थाना प्रभारी बृजेश मीणा ने बताया कि कार का फर्जी फास्टैग बूंदी के हिस्ट्रीशीटर फोरू उर्फ पुरुषोत्तम माली (36) पुत्र सूरजमल निवासी अकतासा, थाना तालेड़ा, जिला बूंदी और उसके साथी खाजू मोहम्मद (32) पुत्र गनी मोहम्मद निवासी तालेड़ा, बूंदी ने बनवाया था। दोनों आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगी कार से धौलपुर आए थे। मुखबिर की सूचना पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।


