भास्कर न्यूज|गुमला डुमरी में मनरेगा योजना के लगभग 40 लाख रूपए की फर्जी निकासी मामले में तीन बीडीओ-बीपीओ को शो-कॉज किया गया है। दूसरी तरफ इसी मामले को लेकर बीपीओ संदीप उरांव ने पांच मार्च 2025 को डुमरी थाना में दस लोगों के विरूद्ध अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस निकासी में संदीप के अनुसार मुख्य संलिप्ता उस समय के कंप्यूटर ऑपरेटर राजू साहू की बताई गई है। नौकरी छोड़ दी। इधर मामला दर्ज होने के बाद पुलिसिया स्तर पर भी छानबीन की जा रही है। संदीप द्वारा दर्ज कराए गए प्राथमिकी में गवाह के रूप में बीडीओ उमेश स्वांशी के हस्ताक्षर है। जबकि अवैध निकासी का मामला जुलाई 2024 को प्रकाश में आने के समय बीडीओ ने के अवैध निकासी की बात से साफ इंकार किया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उक्त राशि उनके प्रखंड का नहीं है। लेकिन जब जिला स्तरीय जांच टीम की ओर से जांच प्रारंभ की गई, तो गत मार्च माह में बीपीओ के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।उक्त प्राथमिकी में सिर्फ बीडीओ उमेश स्वांशी और बीपीओ संदीप उरांव के कार्यकाल में चार एफटीओ के माध्यम से 16 लाख 17 हजार 551 रूपए की अवैध निकासी का जिक्र किया गया। इसके पूर्व बीडीओ प्रीति किस्कु व एकता वर्मा और बीपीओ हरिश प्रजापति, तारिणी महतो के कार्यकाल में हुए 23 लाख से अधिक की अवैध निकासी का उल्लेख नहीं किया गया। केस के अनुसंधानकर्ता एसआई मनोज कुमार के अनुसार आईपीसी की धारा 406/409 व 420 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा।


