पश्चिमी उप-रजिस्ट्रार ऑफिस की टीम ने सोमवार को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने आए पिता-पुत्र को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान परमिंदर सिंह और उसके बेटे गुरसिमरन वासी मॉडल टाउन एक्सटेंशन, दुगरी के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पीएयू थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। के मुताबिक, परमिंदर सिंह ने अपने ही भाई गुरविंदर सिंह (निवासी बेंगलुरु) की पहचान बनाकर 170 गज के प्लॉट के लिए फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की थी। इसके जरिए न्यू जनता नगर के रविंदर कुमार के साथ सौदा किया गया। सोमवार को परमिंदर दस्तावेज लेकर उप-रजिस्ट्रार पश्चिम ऑफिस पहुंचा। जैसे ही ऑफिस ऑपरेटर ने लेन-देन का विवरण पंजाब सरकार के ई-रजिस्ट्री पोर्टल पर डाला, सिस्टम ने तुरंत गुरविंदर सिंह के मोबाइल पर मैसेज भेज दिया। मैसेज देखते ही गुरविंदर को शक हुआ। उन्होंने फोन करके रजिस्ट्रार ऑफिस को सचेत किया। ऑफिस स्टाफ ने तुरंत तहसीलदार को इस संबंध में सूचना दी। उन्होंने पुलिस बुलाकर दोनों आरोपियों को पकड़वा दिया। डीसी हिमांशु जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएयू पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने और गवाह समेत जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पूरा मामला ई-गवर्नेंस और डिजिटल निगरानी प्रणाली की सफलता का भी एक उदाहरण बन गया है। अगर ई-रजिस्ट्री पोर्टल से जुड़े अलर्ट सिस्टम ने सही समय पर असली मालिक को जानकारी न दी होती, तो यह बड़ा फर्जीवाड़ा संभवतः सफल हो जाता।


