बूंदी पुलिस ने एक बड़े प्रशासनिक घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल कर खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्राप्त करने का प्रयास किया था। घटना का खुलासा 19 जनवरी 2024 को हुआ, जब अणदगंज ग्राम पंचायत के सरपंच मुकेश कुमावत ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अलोद निवासी सय्यद पुत्र अशरफ ने अपनी ए-वन चिकन और मीट शॉप के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन किया था। जांच में पता चला कि आरोपी ने पंचायत के लेटरहैड पर फर्जी हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल कर 5 जनवरी 2024 को अनापत्ति प्रमाण पत्र तैयार किया और उसे ऑनलाइन जमा कर दिया। जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र मीणा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा और वृत्ताधिकारी हिंडोली अजीत मेघवंशी के नेतृत्व में गठित टीम ने दबलाना थाना क्षेत्र से सय्यद और मयूर खान को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


