फर्जी हस्ताक्षर से चेकबुक जारी, रिश्तेदारों को भेजे 6 करोड़:रीवा में श्रीजी इन्फास्ट्रक्चर में घोटाले का खुलासा, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रीवा में 6 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। श्रीजी इन्फास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अतुल पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस को तीन दिन की रिमांड मिली है। इस पूरे मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। दरअसल, श्रीजी इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर हिमांशु कलरैया ने विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अप्रैल 2018 से अगस्त 2025 के बीच आरोपी अतुल पाठक ने कंपनी के डायरेक्टर संजय सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर अतिरिक्त चेकबुक जारी करवाई। इसके बाद आरोपी ने अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में फर्जी ट्रांजैक्शन कर करीब 6 करोड़ 9 लाख रुपए का गबन किया। धोखाधड़ी का मामला दर्ज
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अब तक 1 करोड़ 2 लाख रुपए कंपनी के खाते में और 28 लाख रुपए नगद वापस कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि से आरोपी ने सतना जिले के बेला क्षेत्र में गोविंदगढ़ रोड स्थित टोल प्लाजा के पास 1800 वर्गफुट का प्लॉट खरीदा, बरा कोठार में 3 हजार वर्गफुट की जमीन ली, वहीं पन्ना रोड सतना में पत्नी के नाम पर भी प्लॉट खरीदा गया। इसके अलावा आरोपी द्वारा गोल्ड लोन भी लिया गया था। धोखाधड़ी की राशि से बनाई संपत्ति
पुलिस द्वारा गबन की रकम से खरीदी गई इन संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी के अन्य बैंक खातों, जमीन और चल-अचल संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि गबन की शेष राशि की रिकवरी के प्रयास जारी हैं और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। सीएसपी रीवा राजीव पाठक ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, न्यायालय से तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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