हनुमानगढ़ में जिंसों की सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को जंक्शन धानमंडी में प्रदर्शन किया। कार्यालय में सचिव नहीं मिलने पर गुस्से में कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकारी खरीद शुरू न होने की वजह से वे अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसान सभा के तहसील संयोजक ओम स्वामी और मोहन लोहरा ने कहा कि मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों ने बताया कि नरमा की सरकारी खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में दिक्कतें आ रही हैं, जिसके कारण उन्हें 6800 से 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर नरमा बेचना पड़ रहा है, जबकि एमएसपी 8110 रुपए है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल लगभग एक हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। इसी तरह, धान का सरकारी रेट 2369 रुपए तय है, जबकि व्यापारी इसे 1600 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल में खरीद रहे हैं। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप किसानों ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि वे पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि नरमा, धान और मूंग सहित अन्य कृषि जिन्सों की सरकारी खरीद जल्द से जल्द शुरू की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रही ‘लूट’ बंद हो। आंदोलन की चेतावनी दी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मंडी समिति सचिव कार्यालय में नरमा खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की व्यवस्था जल्द शुरू करवा दी जाएगी। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नरमा को एमएसपी दर 8110 रुपए पर ही सरकार को बेचें।


