दरिमा | छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप फाइलेरिया (हाथी पांव) बीमारी की रोकथाम और उन्मूलन के उद्देश्य से दरिमा में बैठक और एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में छह सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों को फाइलेरिया व मलेरिया रोग से संबंधित जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया 10 से 25 फरवरी तक मलेरिया उन्मूलन पखवाड़ा के तहत गांव-गांव और घर-घर जाकर फाइलेरिया रोग की जांच की जाएगी और पात्र लोगों को दवा खिलाई जाएगी। अभियान के अंतर्गत बड़ा दमाली, नागोई, छिंदाकालों, कर्जी, दरिमा व बरगई गांवों में घर-घर सर्वे कर फाइलेरिया बीमारी की पहचान और उपचार किया जाएगा। कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर सूरज सिंह ने फाइलेरिया रोग के लक्षण, बचाव और दवा सेवन की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों से अभियान को गंभीरता से लेते हुए शत-प्रतिशत दवा वितरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने मलेरिया और फाइलेरिया उन्मूलन से जुड़ी जानकारियां साझा की। प्रशिक्षण में सभी कार्यकर्ताओं से समन्वय के साथ कार्य कर क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की।


