ओरमांझी प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर शानदार सफलता प्राप्त हुई है। इस वर्ष 86.96% लक्ष्य प्राप्त किया गया, जो बढ़ती जागरूकता और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी दिखाती है। पिछले सालों के मुकाबले दवा लेने वाले लोगों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। MDA कार्यक्रम की विशेषताएं और सामुदायिक प्रयास प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी रेनू भाखला ने MDA कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। इस अभियान में 81 गांवों में बैठकें आयोजित की गईं और 71 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा, प्रिंसिपल्स और PRI के सदस्यों के साथ बैठकें भी की गईं। जागरूकता फैलाने के लिए मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचना प्रसारित की गई, जिससे ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी। फाइलेरिया उन्मूलन एक चुनौती भरा काम सहिया अजमेरी जबी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया उन्मूलन एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, क्योंकि कई बार लोग दवा लेने से इनकार कर देते हैं। बावजूद इसके, बढ़ी हुई दवा खाने की संख्या इस अभियान की सफलता को साबित करती है। बैठकें आयोजित कर फाइलेरिया के बारे में जानकारी देना और लोगों को दवा लेने के लिए प्रेरित करना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। सफलता की दिशा में सामुदायिक सहयोग ओरमांझी प्रखंड में चलाए गए MDA कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जन जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सामुदायिक सहयोग से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। यह अभियान फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


