पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर शहर में आवारा पशुओं का आतंक जानलेवा होता जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी भय और रोष व्याप्त है। गुरुवार सुबह गली नंबर-4 स्थित प्रवीण मॉडल स्कूल के पास एक भयावह मंजर देखने को मिला, जब दर्जनों सांड एक गाय के पीछे दौड़ते हुए अचानक गली में आ धमके। गनीमत रही कि स्कूल जा रहे बच्चों और राहगीरों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और स्कूल परिसर के अंदर पहुंचा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासी रॉकी बेदी और अन्य लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासियों का आरोप है कि सरकार जनता से भारी-भरकम ‘काऊ सेस’ तो वसूल रही है, लेकिन बेसहारा पशुओं के प्रबंधन के नाम पर जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा है। शहर की सड़कों पर सैकड़ों आवारा पशु घूम रहे हैं, जो न केवल यातायात में बाधा बनते हैं बल्कि राहगीरों की जान के दुश्मन भी बने हुए हैं। लंबे समय से पशुओं के पकड़ने का अभियान बंद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पशु पकड़ने का अभियान लंबे समय से बंद पड़ा है। पशुओं की बढ़ती संख्या और प्रशासन की उदासीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिन नई आबादी क्षेत्र में सांडों के आपसी संघर्ष में एक गाय की जान चली गई। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई में जुटा है, जबकि जमीनी हकीकत में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। बेसहारा गायों को गोशाला में भेंजें निवासियों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में आवारा पशुओं की वजह से कोई जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने मांग की है कि कम से कम बेसहारा गायों को तत्काल गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाए। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में इन पशुओं के कारण सैकड़ों लोग दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती अब भी बरकरार है।


