फायरब्रांड नेताजी का थप्पड़ के बाद ‘लात-कांड’:औरंगजेब को ‘अच्छा प्रशासक’ कह फंसीं कुलगुरु; समर्थक ने खोल दी MLA की ‘पोल’

नमस्कार फायरब्रांड नेता बनने की कोशिश में नेताजी ने जयपुर में धरना दे दिया। बकरियां लेकर पहुंच गए। थप्पड़ के बाद लात-कांड कर बैठे। उदयपुर में यूनिवर्सिटी की कुलगुरु औरंगजेब का जिक्र कर निशाने पर आ गईं। सफाई दे दी, लेकिन भगवा के राज में ऐसे मुद्दे माफी से दबते हैं क्या? ज्योतिष ने 15 तोला सोना पंखे में छुपाया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी सुनिए… 1. जयपुर: फायरब्रांड नेता का आंदोलन फुस, बकरियां भी भागीं थप्पड़ मारकर मशहूर हुए नेताजी काे फायरब्रांड बनना है। वे मारधाड़, चिल्लम-चिल्ली को कुर्सी का शॉर्ट कट मान बैठे हैं। हर मुद्दे में टांग घुसाने लगे हैं। भले मामला उनके इलाके का हो या न हो। कोई मतलब नहीं। चिल्ला-चिल्ला कर गला बैठा लिए हैं। जब से जेल से छूटकर आए हैं, कुछ कर गुजरने पर आमादा हैं। प्रशासन भी नजर बनाए हुए हैं। वे कुछ कर गुजरें और धर लिया जाए। जयपुर में झालावाड़ के मुद्दे पर नेताजी ने मजमा जमा लिया। भीड़ भी आ गई। फोन लगा-लगाकर उन्हीं के जैसे 2 फायरब्रांड नेताओं का समर्थन ले लिया। मंच पर बकरियां ले आए। कूच का ऐलान कर दिया। फिर पता नहीं क्या हुआ? भाषा बदल गई। गला बैठ गया। बकरियां मंच से उतरकर भाग गई। नेताजी मिमियाने लगे। कभी कहा- मीडिया ने उकसाया। कभी कहते हैं- सीएम साहब के लिए कुछ नहीं कहा। नेताजी में इतना जोश भरा है कि कहीं न कहीं तो निकलना ही था। अपने ही समर्थकों पर निकल पड़ा। सहयोगियों पर लातें जमाने लगे। इतना कुछ कह जाते हैं कि सवाल उठता है-अरे भाई, कहना क्या चाहते हो? 2. उदयपुर: औरंगजेब का कुशल प्रशासक बताकर फंस गईं कुलगुरु उदयपुर में झीलें हैं और उदयपुर की यूनिवर्सिटी में झोल। यहां जो भी कुलगुरु आता है, विवाद में ही फंस जाता है। अब कुलगुरु प्रोफेसर साहिबा ने औरंगजेब को सबसे उत्तम प्रशासक बता दिया। अकबर और महाराणा प्रताप को एक ही कतार में रख दिया। अब भगवा सरकारों के युग में उनकी इतनी जुर्रत? हालांकि मैडम ने खुद को अहिंदी भाषी बताया। सफाई दी। शब्दों की तोड़-मरोड़कर पेश करने की बात कही, लेकिन विरोध थमा नहीं। हो-हल्ला जारी है। एक ही मांग कि इन्हें हटाओ। इनसे पहले एक थे प्रोफेसर अमेरिका सिंह। उन्हें भी छांटकर लाया गया था। उनकी कहानी सुनो। कुलगुरु अमेरिका सिंह को सीकर की यूनिवर्सिटी का निरीक्षण करना था। प्रोफेसर साहब ने ऐसी सैटिंग बैठाई की पूरी टीम ने फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी। मामला खुला तो सबको सस्पेंड कर दिया गया। अमेरिका सिंह तो इतने महान थे कि विधानसभा में 30 से ज्यादा विधायक सवाल उठा चुके थे। कुलगुरु की कुर्सी में ही कोई चक्कर है। जो बैठता है वही कांड कर बैठता है। 3. जालोर: विधायकजी के समर्थक ने ही खोल डाली पोल मुख्य सचेतक का काम है सदन में अपने आंख-कान खुले रखना। जो भी चले उसकी नब्ज महसूस करना। अपने मुखिया को रिपोर्ट देना। ये माननीय वही हैं जो सदन में कैमरे की बात पर बहुत भड़के थे। विपक्ष को खिसियानी बिल्ली और पीसीसी चीफ की बातों को बचकाना कह गए थे। मुख्य सचेतक का काम निपटाने के बाद जालोर पहुंच गए, अपने विधानसभा क्षेत्र को संभाला। वहां जवाई बांध के पानी को लेकर लोकल नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक बैठी। नेताजी ने ‘जवाई बांध के गेट खोलने का श्रेय’ विषय पर भाषण दिया। उन्होंने हवा में तर्जनी उठाकर दावा किया- जवाई बांध में जब पानी 62 फीट के गेज पर चला जाता है। तब उसके गेट खोले जाते हैं। यह इतिहास में पहली बार है जब 61 फीट पर ही गेट खोल दिए गए हैं। सभा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। बाद में नेताजी के ही एक समर्थक ने सोशल मीडिया पर लिखा- माननीय बांध की भराव क्षमता ही 61.5 है। ताली बजाने वाले भी बधाई के पात्र हैं। वैसे, वह नेतागिरी ही किस काम की, जिसमें पानी सिर से न गुजरे। 4. चलते-चलते… अलवर में ज्योतिष महाराज ने कइयों की ग्रह दशा उतारी। कई तरह की विधियां कर राशियों का अलाइनमेंट बैठाया। कइयों को अंगूठियां धारण कराई। दान-पुण्य कराए। खुद के मामले में गच्चा खा गए। हुआ यूं कि ज्योतिष महाराज ने घर का गहना जेवर चोरी-चकारी के डर से पंखे की कैप की छुपा दिया। सीलिंग फैन के कैप में 15 तोला सोना छुपा है, चोर सपने में भी नहीं सोच सकता। जिस तरह से अलवर में पुलिस गहरी नींद में सोती है और प्रशासन ज्योतिषियों के भरोसे चल रहा है, उस हिसाब से महाराज ने बिल्कुल उचित इंतजाम किया था। लेकिन जब तारे-सितारे ही साथ न हों तो ज्योतिषी भी क्या कर लेगा? महाराज जी निश्चिंत हो गए। इसके बाद मकान में रंगाई-पुताई करा ली। गहनों की याद आई तो टेबल पर टेबल लगाकर पंखे की कैप हटाई। जेवर गायब। अब रंगाई पुताई वालों पर शक जता रहे हैं। महाराज चोरी होनी थी, किस्मत में लिखा था। यह तो जोग-संजोग है। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…

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