अजमेर में मौसम बदलाव के साथ ही मौसमी बीमारियां बढ़ने लगी है। जेएलएन के शिशु रोग ओपीडी में हर दिन 350 से ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। इनमें 200 से ज्यादा बच्चे बुखार, खांसी, डेंगू, स्क्रब टाइफस और जोड़ों में दर्द से पीड़ित है। हॉस्पिटल प्रशासन ने दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक भी रखवाया है। वायरस एक से दूसरे पर अटैक करता,सावधानी बरतें
शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ डॉ. अमित यादव ने बताया- स्कूल स्प्रेडर बना रहे हैं। स्कूल में बच्चे एक-दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं और टच हो रहे हैं। एक साथ बैठकर खाना खाते हैं। जिन बच्चों को खांसी है, उनके वायरस दूसरे बच्चों पर अटैक करता है। घरों में सावधानी नई बरती गई तो सभी सदस्यों को खांसी और बुखार होने की संभावना रहती है। आस-पास जल भराव है तो पानी में जला हुआ तेल डालना चाहिए। झाड़ियां हटवाएं और फॉगिंग करवाए ताकि मच्छर नहीं पनपें।
ओपीडी 6 हजार तक पहुंचीं
उपाधीक्षक डॉ.अमित यादव के अनुसार-जेएलएन की ओपीडी में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले दिनों ओपीडी 4500 हजार के आस-पास चल रही थी। कुछ दिनों से 5500 से 6000 तक पहुंच गई है। मौसम में बीमारी के मरीजों की संख्या में बढ़ने से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा काउंटर पर दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक रखवाया गया है। हाथ-पैर में दर्द होने पर डेंगू टेस्ट करवाते
डॉ. अमित यादव ने बताया कि हाथ पैरों में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों का भी डेंगू टेस्ट करवाया जा रहा है, लेकिन रहता है कि अभी सामान्य स्थिति है। कुछ ही बच्चों और बड़ों में डेंगू के लक्षण है। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसके कारण अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही सभी जांचों की व्यवस्था की गई है।


