धौलपुर| रणछोड नगरी ऐतिहासिक धरोहरें और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। जिसमें रियासत काल में गुलाबों का बाग भी मशहूर रहा जिसके नाम से गुलाब बाग चौराहा पड़ा। उसी गुलाब बाग चौराहे के नाम को सर्किट हाउस का गुलाबों से लकदक बाग चौराहे का नाम चरितार्थ कर रहा है। सर्किट हाउस के बगीचा में फूलों की बहार है, जिसमें 500 मीटर के क्षेत्र में बड़े गुलाब की 50 क्यारियां तैयार की गई हैं, जो गुलाब की खुशबू से सुगंधित है। खिले हजारों गुलाब के फूल आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। बल्कि गुलाब बाग चौराहे की सार्थकता को भी जीवंत कर रहे हैं। इतिहासकार गोविंद शर्मा गुरु बताते हैं कि किसी समय गुलाब बाग चौराहा हैं, वहां गुलाबों का बाग हुआ करता था, जिसमें खासतौर पर राजा महाराजाओं के लिए गुलाब उगाए जाते थे। इसलिए इस चौराहे का नाम गुलाब बाग रखा गया। सर्किट हाउस मैनेजर बृजमोहन शर्मा ने अन्य फूलों के साथ विशेषतौर पर सालभर गुलाब उगाया जाता है। जिसमें सफेद, गुलाबी व लाल रंग का गुलाब शामिल है।


