त्योहार शुरू से पहले नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) और हिरणमगरी थाना पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनसे 1500 लीटर नकली घी बरामद किया। ये कलड़वास में पिछले 7 माह से नामी ब्रांडों का नकली घी बना रहे थे। हजारों लीटर घी बनाकर बेच भी चुके। व्यापारियों को 15 लीटर के कनस्तर 5500 रुपए में बेचकर 1300 रुपए कमा लेते हैं। फिर व्यापारी आमजन को ब्रांड की कीमत में 7-7 हजार रुपए तक में बेच देते। हैरान करने वाली बात ये कि नकली घी का पता होने के बावजूद कई व्यापारी भी पैसे कमाने के लालच में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते रहे। डीएसपी छगन पुरोहित ने बताया कि शनिवार को डीएसटी के एएसआई विक्रम सिंह को कलड़वास के पाराखेत में नकली घी बनाने की फैक्ट्री की सूचना मिली। टीम और थाना पुलिस ने रसद विभाग के साथ दबिश दी। वहां से सांई कॉम्प्लेक्स निवासी संचालक लोकेश जैन और लसाड़िया निवासी कर्मचारी मोतीलाल मीणा को गिरफ्तार किया। ये दोनों वहां नकली घी बना कर प्रतिष्ठित ब्रांड सरस, अमूल, नोवा और कृष्णा के डिब्बों में पैक कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि पिछले 7 माह से दोनों नकली घी बना रहे थे। हर दूसरे दिन 15-15 लीटर के 30 से 40 डिब्बे नकली घी बना लेते। फिर लोडिंग टेंपो में भरकर शहर की कृषि मंडी के साथ मावली, भींडर, कानोड़, सलूंबर और फतहनगर के व्यापारियों को बेच देते। वनस्पति-सोया तेल मिलाकर बना रहे थे नकली घी एसपी योगेश गोयल भी फैक्ट्री पर पहुंचे। उन्होंने संचालक और कर्मचारी से नकली घी बनाने से लेकर पैकिंग करने का डेमो लिया। आरोपी ने 7 लीटर वनस्पति, 6 लीटर सोयाबीन तेल और एक लीटर असली देसी घी और घी का एसेंस मिलाया। फिर इन्हें गर्म किया। इस दौरान 15 लीटर के डिब्बे पर ब्रांड का स्टीकर लगाया। घी बनने के बाद डिब्बे में भरा और मशीन से सीलबंद कर दिया। बैच कोडिंग, बैच सेल नंबर मशीन व पैकिंग सामान जब्त
आरोपियों ने भारी मात्रा में नकली घी तैयार कर रखा था। इन्हें बेचने की फिराक में थे। फैक्ट्री से नकली सरस घी के 1 लीटर के 11 कार्टन, 15 लीटर के 22 टिन, कृष्णा घी के 5 टिन, अमूल के 13 टिन, नोवा घी के 1-1 लीटर के 72 कार्टन और 36 टिन, वनस्पति स्कूटर के 6 टीन, महाकोष सोयाबीन तेल के 5 टिन मिले। साथ ही विभिन्न ब्रांड के 11270 पैकिंग कार्टन, पैकिंग मशीन, बैच कोडिंग मशीन, बैच सेल नंबर मशीन, 4 भटि्टयां, इलेक्ट्रिक कांटा व लोडिंग टेंपो बरामद किया। 15 लीटर की लागत 4200 रु., बाजार में 7 हजार में बिक रहा
15 लीटर नकली घी बनाने के लिए 4200 रु. की लागत आती है। इसे व्यापारी 5500 रु. में खरीदते और 7-7 हजार में लोगों को बेच देते। आरोपियों से हिसाब की एक डायरी भी मिली। इसमें हर दूसरे दिन की 35-50 हजार रु. तक कमाई लिखी है। कृषि मंडी में 3-4 दुकानों पर घी सप्लाई करना बताया है। कार्रवाई में हिरणमगरी थानाधिकारी भरत योगी, डीएसटी प्रभारी श्याम सिंह रत्नू, खाद्य निरीक्षक अशोक गुप्ता, सरस डेयरी के एमडी विपिन शर्मा समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।


