खंडवा में हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। डीजे ममता जैन की कोर्ट ने आरोपी छन्नू पिता आशाराम (44) और उमेश पिता छगन (29) निवासी ग्राम बोराड़ीमाल को जघन्य हत्या के मामले में उम्र कैद और 7-7 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी डीपीओ चंद्रशेखर हुक्मलवार ने की। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बताया कि घटना नर्मदानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सक्तापुर की है। गांव में शिव मंदिर के पुजारी नरेंद्र ने 27 मार्च 2022 की सुबह 7 बजे देखा तो मंदिर के सामने खून पड़ा हुआ था। ऊपर से मिट्टी डाली हुई थी। वहीं रगड़न दिखाई दी, जिस पर खून लगा हुआ था। इसके बाद अजनाल नदी के बैक वाटर में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की लाश दिखाई दी। जिसके सिर और दोनों पैर नहीं थे। शव की पहचान त्रिलोकचंद पिता मांगीलाल (50) निवासी ग्राम बोराडीमाल के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 26 और 27 मार्च की दरमियानी रात उस व्यक्ति की धारदार हथियार से गर्दन और दोनों पैर काटकर हत्या कर दी थी। सबूत मिटाने के लिए लाश को अजनाल नदी के पानी में फेंक दिया। पुलिस ने मृतक के भाई और परिजन के बयान लिए तो आपसी रंजिश का मामला सामने आया। इसके बाद जांच के दौरान संदेही छन्नू पिता आशाराम (44) और उमेश पिता छगन (29) निवासी बोराडीमाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने जुर्म कबूल किया और बताया कि त्रिलोकचंद का बोगदे से सिर और दोनों पैर काट दिए थे। बोगदे को झाडियों में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। वहीं विवेचना के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।


