भिंड जिले में पदस्थ महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय जैन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। नर्मदापुरम के संयुक्त संचालक एच.के. शर्मा ने संजय जैन के खिलाफ महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की अनुशंसा की है। यह मामला बैतूल जिले के शाहपुरा में प्रभारी परियोजना अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति के दौरान वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। क्या है मामला? बैतूल जिले की शाहपुरा परियोजना में “बैतूल मोटर्स एम्बुलेंस टूर एंड ट्रैवल्स” के वाहन (एमपी 48 टी 0768) का अनुबंध था। अप्रैल 2021 से जून 2021 तक इस अनुबंध के तहत भुगतान किसी अन्य खाते में कर दिया गया। शिकायतकर्ता भीमराय घोंटे ने इस गड़बड़ी की शिकायत 7 अक्टूबर 2021 को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। यह शिकायत करीब 700 दिनों तक लंबित रही। जांच में क्या निकला? नर्मदापुरम के संयुक्त संचालक एच.के. शर्मा ने डीपीओ बैतूल से जांच प्रतिवेदन मांगा। वर्तमान डीपीओ बैतूल की जांच में सामने आया कि अनुबंध के तहत भुगतान बैतूल मोटर्स को नहीं, बल्कि “लीजा इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक, बैतूल” नामक फर्म को 68,071 रुपए कर दिया गया। इस दौरान, संजय जैन शाहपुरा के प्रभारी परियोजना अधिकारी थे और बाबूलाल विश्नोई बैतूल के डीपीओ के रूप में कार्यरत थे। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर यह वित्तीय अनियमितता की। संयुक्त संचालक ने की कार्रवाई की सिफारिश संयुक्त संचालक ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। बाबूलाल विश्नोई वर्तमान में भोपाल में उप संचालक के पद पर कार्यरत हैं। भिंड डीपीओ जैन ने दी सफाई इस मामले में डीपीओ संजय जैन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है, “मैंने किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार नहीं किया है। शिकायतकर्ता की कोई गाड़ी नहीं थी, और इस आधारहीन शिकायत का जवाब मैं लिखित में दूंगा।” यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक उत्तरदायित्व से जुड़ा है। जांच के निष्कर्ष और विभागीय कार्रवाई से तय होगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।


