साइबर क्राइम पुलिस ने मोबाइल फोन में चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखने और स्टोर करने के आरोप में दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। दोनों मामलों में तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं। पहले मामले में पुलिस ने पुनीत गोयल निवासी सुंदर नगर, जैपुरा रोड, दोराहा और समशेर सिंह निवासी गांव जैपुरा, दोराहा को नोटिस देकर थाने बुलाया था। पूछताछ के दौरान दोनों के मोबाइल कब्जे में लेकर तकनीकी जांच के लिए भेजे गए। रेंज लेवल साइबर इन्वेस्टिगेशन एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट, लुधियाना की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पुनीत गोयल के मोबाइल फोन में बड़ी संख्या में चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें मौजूद थीं। वहीं, समशेर सिंह के मोबाइल फोन से भी ऐसी ही आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। दूसरे मामले में साइबर क्राइम थाना खन्ना पुलिस ने समशेर अहमद निवासी यूनाइटेड एग्रो फूड्स, फोकल प्वाइंट क्षेत्र के मोबाइल फोन की जांच की। तकनीकी रिपोर्ट में उसके फोन से भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें मिलीं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से जुड़े तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। साइबर लैब की रिपोर्ट आने के बाद समशेर अहमद के खिलाफ भी आईटी एक्ट की धारा 67-B के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में केस से जुड़े दस्तावेज और विशेष रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजी जा रही हैं। जांच अभी जारी है। डिलीट करके भी नहीं बच सकते “कोई भी आपत्तिजनक वीडियो या फोटो अगर मोबाइल में डाउनलोड, फॉरवर्ड, सेव या स्क्रीनशॉट किया जाता है, तो वह कानूनन अपराध है। कई लोग इसे ‘सिर्फ देखना’ या ‘किसी ने भेज दिया’ मानकर हल्के में लेते हैं, जबकि कानून में ऐसा कोई बचाव नहीं है।” किसी ग्रुप, लिंक या सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसे कंटेंट को खोलना, सेव करना या आगे भेजना अपराध माना जाता है। ऐसे कंटेंट की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत डिलीट कर संबंधित प्लेटफॉर्म या साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करना चाहिए। मोबाइल फोन में मौजूद डिलीटेड डेटा भी फॉरेंसिक जांच में रिकवर हो सकता है, इसलिए “डिलीट कर दिया” कहना बचाव नहीं बनता। साइबर एक्सपर्ट ने साफ चेताया कि ऐसे मामलों में सजा और कानूनी कार्रवाई दोनों गंभीर होती हैं, इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्कता बेहद जरूरी है। प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से जुड़े तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। साइबर लैब की रिपोर्ट आने के बाद समशेर अहमद के खिलाफ भी आईटी एक्ट की धारा 67-B के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में केस से जुड़े दस्तावेज और विशेष रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजी जा रही हैं। जांच अभी जारी है।
मुकेश चौधरी,साइबर एक्सपर्ट


