भास्कर न्यूज| महासमुंद पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे साम्प्रदायिक हिंसा व बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में हिन्दुओं के साथ अत्याचार हो रहें है। उन्हें घर घुसकर मारपीट कर भगाया जा रहा है। इस संबंध में जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद चंद्राकर ने तेन्दूपत्ता संग्रहण में अग्रिम नियुक्त क्रेताओं में से पश्चिम बंगाल के क्रेताओं की स्वीकृत निविदा को निरस्त करने की अनुशंसा की है। जिलाध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रोजाना हिंदुओं पर साम्प्रदायिक हिंसा हो रहे है। हिंदुओं को मारा, काटा जा रहा है। मुर्शिदाबाद व धुलियान जिले में हिंदू नरसंहार की घटनाएं रोजाना सुनाई में आती है। भारत में रहकर ही पश्चिम बंगाल की सोच अलग मुस्लिम देश बनाने की है तो छत्तीसगढ़ से व्यापार करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। ऐसे देश विरोधी व हिंदू विरोधी मानसिकता के साथ छत्तीसगढ़ की भोलीभाली आदिवासी जनता व्यापार करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश शांति व सौहार्द्र का संदेश वाहक रहा है। हम किसी भी जिहादी मानसिकता वाले के साथ व्यापार करना नहीं चाहते। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित महासमुंद अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्रहण में अग्रिम नियुक्त क्रेताओं में से पश्चिम बंगाल के क्रेता मुर्शिदाबाद बीड़ी वर्क्स धुलियान, जिला मुर्शिदाबाद (प.बं.), पताका इंडस्ट्रीज प्रा.लि. कोलकत्ता (प.बं.), आनंद बीड़ी फैक्ट्री, मुर्शिदाबाद (प.बं.) छत्तीसगढ़ से तेंदूपत्ता खरीदी करते है। इस पर चंद्राकर ने जिला अध्यक्ष होने के नाते उपरोक्त क्रेताओं की स्वीकृत निविदा को निरस्त करने की अनुशंसा की है।


