बंगा के डेरा राजा साहिब में 169 पावन स्वरूप मिलने पर विवाद गहराया

भास्कर न्यूज | अमृतसर सिख सद्भावना दल के शिष्टमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की गैर मौजूदगी में उनके पीए बगीचा सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसआईटी की जांच के मद्देनजर बंगा के धार्मिक स्थल कंवर राजा माजरा साहिब में मिले 169 पावन स्वरूपों को लेकर राजनीति करने वाले शिअद प्रधान सुखबीर बादल सहित अन्य पार्टियों के सिख नेताओं को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब करने की मांग की है। भाई सुखजीत सिंह खोसा, भाई बलदेव सिंह सिरसा इत्यादि ने खुलासा किया कि वास्तव में सुखबीर बादल अपने गुनाहों को छिपाने के लिए उक्त 169 स्वरूपों का रिकार्ड दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं। इसी दावे के तहत उन्होंने इस स्थल का दौरा किया, जबकि अकाली सरकार के दौरान उन्हें बरगाड़ी व बहबलकलां स्थलों का दौरा करने की याद क्यों नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि 169 में से 30 स्वरूपों का ही रिकार्ड मौजूद है। इनमें से 10 पावन स्वरूप बिल नंबर 27064 तिथि 8-1-2016 गुरुद्वारा पातशाही सातवीं गांव दुसांझ खुर्द को दिए गए हैं, जबकि 20 पावन स्वरूप बिल नंबर 27066 गुरुद्वारा गांव मजारा नोआबाद के नाम पर दर्ज हैं। शेष स्वरूप अभी भी लापता हैं। अकाली सरकार के दौरान सुखबीर के इशारे पर यह ऐसे धार्मिक नेताओं को दिए गए हैं जिनके डेरों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश होता ही नहीं है। सुखबीर कहीं इस विवाद में फंस न जाएं इसलिए वह खुद ही उक्त डेरा के पावन स्वरूपों का रिकार्ड मौजूद होने का दावा करते हुए इसे क्लीन चिट देने पहुंचे थे, बचाव के लिए उनकी आप मंत्रियों की मिलीभगत का ही नतीजा है कि मंत्री हरजोत सिंह बैंस व मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 20 मिनट में ही इस स्थल का दौरा कर यहां समस्त रिकार्ड होने का दावा कर सबकुछ ठीक ठाक होने का बयान दिया था। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा इसे लेकर राजनीति नहीं करने के बावजूद समस्त पार्टियों के नेता राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस स्थल का दौरा कर रहे हैं तथा राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। यूनाइटेड सिख मूवमेंट के महासचिव कैप्टन चन्नन सिंह सिद्धू और बाबा जीवन सिंह ने गायब पावन स्वरूपों के संदर्भ में राजनीतिक दलों पर मर्यादा के उल्लंघन और वोट बैंक की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। कैप्टन चन्नन सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गठित एसआईटी (सिट) की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि डेरा राजा साहिब से 169 स्वरूप बरामद हुए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और हरजोत सिंह बैंस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे तथ्यों की जांच किए बिना ही डेरा प्रबंधकों, शिरोमणि अकाली दल (बादल) और एसजीपीसी को क्लीन चिट दे रहे हैं। सिद्धू के अनुसार, यह सब केवल आगामी चुनावों में वोट बटोरने के लिए किया जा रहा है। कैप्टन सिद्धू ने कहा कि उक्त डेरे में गुरमत मर्यादा का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। वहां निशान साहिब पर खंडे की जगह मोर पंख लगाए गए हैं और गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश की जगह मूर्तियों की पूजा हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डेरा प्रबंधक राजा साहिब को ‘तीन लोगों का मालिक’ मानता है, तो उन्हें गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप रखने की इजाजत किसने दी? उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही लाइन में 35-35 अखंड पाठ रखकर बाणी को कमर्शियल रूप दिया गया है, जहां न तो कोई सुनने वाला है और न ही कोई मर्यादा का पालन करने वाला। यूनाइटेड सिख मूवमेंट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की आलोचना करते हुए कहा कि वह सिख समुदाय के बजाय एक राजनीतिक परिवार के ‘सिपाही’ के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को इस मामले में तुरंत दखल देकर एक निष्पक्ष कमेटी बनानी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण चुप्पी साध ली गई है। कैप्टन सिद्धू ने ऐलान किया कि वह जल्द ही जत्थेदार गड़गज्ज से मुलाकात कर इस स्थल में फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी भेजने की मांग करेंगे। इसके साथ ही वह सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग में याचिका दाखिल करेंगे, ताकि मर्यादा के उल्लंघन की जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

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