मंडलेश्वर-महू मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जाम गेट पर पैर फिसलने से एमटेक स्टूडेंट खाई में गिर गया। वह बंदरों को बिस्किट खिला रहा था। घटना मंगलवार सुबह करीब 7 बजे की है। मंडलेश्वर पुलिस टीम करीब 10 बजे सर्चिंग के लिए उतरी। एक घंटे चली सर्चिंग के बाद युवक करीब 500 मीटर नीचे मिला। तब इसकी धड़कन चल रही थी। उसे मंडलेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों उसे मृत घोषित कर दिया। मंडेलश्वर थाने के प्रधान आरक्षक संजय यादव ने बताया कि युवक को नाजुक हालत में कंबल में लपेटकर ऊपर लाया गया था। ऊपर एम्बुलेंस खड़ी थी, जिससे तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। रेस्क्यू में 6 घंटे लगे। दोस्त मैगी खा रहे थे, सुजल बंदरों के पास था
कुक्षी निवासी सुजल कन्नौज (26) अपने तीन दोस्तों विजय मुजाल्दा (25), मंसाराम सोलंकी (27) और लोकेश के साथ थार गाड़ी नंबर MP 17 CD 0511 से जाम गेट घूमने आया था। वे लोग सुबह 4 बजे निकले थे। करीब 6 बजे जाम गेट पहुंचे। दो दोस्त मैगी बनवाकर खा रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। सुजल बंदरों को बिस्किट खिला रहा था। चारों दोस्त एक ही गांव पुनर्वास के रहने वाले हैं। इंदौर में रूम किराए से लेकर पढ़ाई करते हैं। सुजल इंदौर के डीएवीवी में बीटेक फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। उसके परिवार में दो बहनें और बड़ा भाई है। खाई इतनी गहरी कि पल भर में युवक नजरों से गायब
स्थानीय निवासी जितेंद्र बारिया पटेल ने बताया कि वे लोग चार दोस्त थे। उनमें से एक युवक खाई के एकदम किनारे खड़ा होकर बंदरों को बिस्किट खिला रहा था। शायद वह सेल्फी भी ले रहा था। अचानक उसका पैर फिसला और नीचे खाई में गिर गया। खाई इतनी गहरी है कि युवक पल भर में आंखों से ओझल हो गया। जाम गेट महेश्वर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि इससे कुछ ही मीटर की दूरी पर महू विधानसभा क्षेत्र शुरू हो जाता है, जिससे यहां पर्यटकों का आना-जाना बना रहता है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटकों की जान बचाने के लिए इस खतरनाक खाई की ओर मजबूत लोहे की फेंसिंग (जालियां) लगाई जाएं। बार-बार समझाने के बाद भी जोखिम उठाते हैं लोग
जाम गेट जनपद पंचायत महेश्वर की ग्राम पंचायत बागदरा के अधीन आता है और यह इलाका खतरनाक पत्थरों और गहरी खाई के लिए जाना जाता है। यहां तैनात सुरक्षा गार्डों और स्थानीय लोगों के बार-बार समझाने के बावजूद, युवा अकसर खतरनाक किनारों पर चढ़कर सेल्फी लेने का जोखिम उठाते हैं। जाम गेट विंध्याचल पर्वतमाला पर स्थित पर्यटक स्थल
जाम गेट महेश्वर तहसील में विंध्याचल पर्वतमाला पर स्थित एक पर्यटन स्थल है। यह महू-मंडलेश्वर रोड (अब खरगोन-इंदौर राज्य राजमार्ग क्रमांक-1) पर है। यह महू से लगभग 30 किमी, इंदौर से 50 किमी, महेश्वर से 33 किमी और जिला मुख्यालय खरगोन से 75 किमी दूर है। जाम दरवाजा मालवा-निमाड़ का प्रवेश द्वार है। मालवा और निमाड़ की सीमा पर बसे जाम गांव में इस ऐतिहासिक दरवाजे का निर्माण अहिल्या बाई होलकर ने 1791 में कराया था। गांव के नाम से ही इस दरवाजे का नाम जाम दरवाजा रखा गया। अहिल्या बाई होलकर इस रास्ते का इस्तेमाल करती थीं
अहिल्या बाई होलकर इस रास्ते का इस्तेमाल महेश्वर से इंदौर जाने के लिए करती थीं। महेश्वर और इंदौर आने-जाने वाले सबसे कम दूरी के रास्ते के बीच में पहाड़ी के मुहाने पर यह गेट इस तरह बनाया गया था कि रास्ते के दोनों तरफ नजर रखी जा सके। इसे एक चेक पॉइंट के तौर पर बनाया गया था। यहीं से सेनाओं का आना-जाना होता था। इस दरवाजे पर खड़े होकर सैनिक निमाड़ में पहाड़ी की तराई में होने वाली हलचल पर आसानी से नजर रख सकते थे। जाम गेट को निमाड़-मालवा का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।


