भास्कर न्यूज | अमृतसर 30-30 साल से विभिन्न जेलों में नजरबंद बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सरबत खालसा द्वारा स्थापित अकाल तख्त के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड की अगुवाई में 20 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब से पैदल मार्च निकालने का फैसला किया है। शुक्रवार को डेरा बाबा दर्शन सिंह कुली वाले में ध्यान सिंह मंड, भाई मोहकम सिंह, जरनैल सिंह सखीरा व अन्य धार्मिक नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार को नींद से जगाने के लिए तथा सिख कौम में जागरुकता लाने के लिए निकालने जाने वाला मार्च 20 सितंबर को सुबह 8 बजे से श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास करने के बाद शुरू होगा। उन्होंने बताया कि मार्च तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होता हुआ करीब 3 महीनों के बाद 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा संपन्न कर वापस श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इसका मकसद बंदी सिखों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से कुंभकर्णी नींद से जगाना है। उन्होंने कहा कि बंदी सिख जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआणा व अन्य सजा पूरी होने के बावजूद पिछले 30-30 साल से जेलों में नजरबंद हैं। उन्होंने कहा कि उक्त पैदल मार्च के तहत सिख कौम को भी संघर्ष तेज करने के लिए लामबंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां भी रात होगी वहीं मार्च में शामिल सिख रात व्यतीत करेंगे इस पड़ाव के दौरान रात को समीप कोई गुरुद्वारा साहिब होगा तो संगत गुरुद्वारा साहिब में ठहरेगी अगर गुरुद्वारा साहिब या धार्मिक स्थल नहीं होगा तो सड़क किनारे ही तंबू लगाकर रात गुजारी जाएगी। मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्वक होगा और किसी भी सरकार या नेता के खिलाफ कोई नारेबाजी नहीं की जाएगी।


