भास्कर न्यूज | गढ़वा बंशीधर नगर में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए यह तथ्य उजागर हुआ है कि दोनों परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भारतीय स्टेट बैंक की बंशीधर नगर शाखा में एक ऐसे कमरे में रखे गए हैं, जिसे अब तक सील नहीं किया गया है। हैरानी की बात यह है कि उक्त कमरे में सामान्य रूप से बैंक कर्मियों का आना-जाना होता रहता है। नियमानुसार, मैट्रिक और इंटरमीडिएट के प्रश्न पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाना अनिवार्य है। प्रश्न पत्र रखने के लिए निर्धारित कमरे को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सील किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गोपनीयता भंग होने की आशंका न रहे। लेकिन नगर उटारी में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। इस मामले में जब अनुमंडल पदाधिकारी बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) से ही बेहतर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। एसडीओ के इस बयान के बाद जिम्मेदारी तय करने का सवाल और भी गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में इस प्रकार की चूक न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इससे भी बड़ी गड़बड़ी से इंकार नहीं किया जा सकता। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रश्न पत्र बिना सील किए कमरे में रखने की अनुमति किसने दी और इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की बनती है। क्या यह लापरवाही जानबूझकर की गई है या फिर प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। जनहित में यह जरूरी हो गया है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि परीक्षा प्रणाली पर आम जनता का भरोसा बना रह सके।


