भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा जिले में बालू की भारी किल्लत के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवास योजनाओं का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि कई लाभुक चाहकर भी अपने आवास का निर्माण पूरा नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कार्यपालक पदाधिकारियों द्वारा समय पर आवास पूर्ण नहीं करने वाले लाभुकों को अगली किस्त की राशि रोकने की चेतावनी दी जा रही है। प्रशासन द्वारा लाखों खर्च कर शीघ्र आवास निर्माण पूरा करने का दबाव लाभुकों पर बनाया जा रहा है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लाभुकों का कहना है कि जिले में सामान्य रूप से बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में ब्लैक मार्केट से बालू खरीदनी पड़ रही है, जहां एक ट्रैक्टर बालू की कीमत 4,000 से 5,000 रुपये तक वसूली जा रही है। गरीब एवं मध्यम वर्गीय लाभुकों के लिए इतनी महंगी बालू खरीदकर आवास निर्माण कर पाना लगभग असंभव हो गया है। दैनिक मजदूरों को भी हो रही रोजगार की परेशानी बालू संकट का असर केवल आवास ही नहीं दैनिक मजदूरों के जीवन-यापन पर भी पड़ रहा है। भारतीय मजदूर संघ ने किल्लत के कारण निर्माण कार्य ठप पड़े हैं, जिससे सैकड़ों मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अविलंब कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।


