छत्तीसगढ़ में संचालित आश्रम-छात्रावासों में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने राज्य सरकार पर आदिवासी बच्चों की मौत के आंकड़े छुपाने के आरोप लगाए। विभागीय मंत्री रामविचार नेताम की अनुपस्थिति में संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने सवाल के जवाब दिए। जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक लखेश्वर: बस्तर में आश्रम-छात्रावासों में 2022 से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है? मंत्री कश्यप: बस्तर संभाग में 2022-23 से लेकर अभी तक 25 बच्चों की मौतें हुई हैं। लखेश्वर: 3 साल में 40 मौतें हुई हैं। बीजापुर में 10 मौतों की जानकारी आपको है कि नहीं? कश्यप: आदिम जाति विभाग का सवाल आपने पूछा है और मैंने पूरी जानकारी दे दी है। लखेश्वर: मंत्री द्वारा गलत जानकारी दी जा रही है? सवाल पूछने पर सही जवाब नहीं आ रहा है। आदिवासी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। कश्यप: यह तो कांग्रेस सरकार के समय की स्थिति है। यह सुनते ही कांग्रेसी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लखेश्वर : छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार आदिवासियों को लेकर गंभीर नहीं है। कश्यप: आदिवासियों के साथ किसने क्या किया यह बताने की जरूरत नहीं है। जगरमुंडा में अपनी ही सरकार का चावल किसने खाया? इसके बाद कांग्रेसी विधायक विरोध में खड़े हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। कारखानों में स्थानीय युवाओं को नहीं मिल रहा रोजगार कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से बलौदाबाजार-भाटापारा की औद्योगिक इकाइयों में शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार नहीं देने को लेकर विभागीय मंत्री का ध्यानाकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के बड़े पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है बल्कि सिर्फ चतुर्थ श्रेणी के पदों पर ही नियुक्तियां की जाती हैं। इससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। विभागीय मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि उद्योगों के प्रबंधकीय पदों पर 40 फीसदी स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाता जबकि अर्धकुशल में 60 फीसदी और अकुशल में 100 फीसदी रोजगार देने का प्रावधान है। किसानों का प्रशिक्षण सिर्फ कागजों में हुआ है क्या? कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए 39 प्रशिक्षण होने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन 18 स्थानों पर ही प्रशिक्षण हुआ है तो क्या 21 प्रशिक्षण कागजों में ही हुआ है क्या? मंत्री कश्यप ने बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा में तीन साल में 39 प्रशिक्षण आयोजित किये गए, जिनमें 991 किसान शामिल हुए इसमें कुल 2 लाख 66 हजार 808 रुपये खर्च हुए हैं। विधायक का आरोप: नलकूप खनन के लिए लगाए सवाल को बदलकर जानकारी दी गई… प्रश्नकाल में भाजपा विधायक भावना बोहरा ने बैगा आदिवासी क्षेत्र में नलकूप खनन की जानकारी मांगी साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा जो सवाल लगाए गए थे उसे बदलकर जवाब दिया गया है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जो प्रश्न लगाया है, उसकी जानकारी दी गई है। नलकूप खनन या नल लगाए जाने का कोई कार्य नहीं किया गया है, और यही जानकारी दी गई है। विधायक ने पूछा कि क्या कृषि के लिए बोरवेल खनन का कोई प्रावधान है? इस पर मंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत बहुत सारे कार्य होते हैं। 15 उद्यानिकी महाविद्यालयों में अनुसंधान केंद्र लिखा है लेकिन अनुसंधान नहीं होता: चंद्राकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश के 15 महाविद्यालय के नाम में अनुसंधान केंद्र लिखा हुआ है। लेकिन एक भी महाविद्यालय में अनुसंधान कार्य नहीं होता। चंद्राकर ने पूछा कि इनका सेटअप क्या है और कितने पद रिक्त हैं। इसके जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 692 रिक्त पदों में से 69 पद भरे गए हैं, 623 पद रिक्त हैं। चंद्राकर ने कहा कि 140 पदों पर भर्ती के आंकड़ों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने पद रिक्त हैं कैसे पढ़ाई हो रही होगी। कश्यप ने बताया कि पिछली सरकार ने सिर्फ कॉलेज खोले थे, लेकिन भर्ती नहीं की थी। रेडी टू ईट में अनियमितता मंत्री का गड़बड़ी से इंकार सभापति बोले-जांच करवाएं विधायक बालेश्वर साहू ने रेडी टू ईट वितरण में अनियमितता का मामला उठाया। साहू ने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में लंबे समय से रेडी टू ईट का वितरण नहीं किया जा रहा है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सभी जगह आपूर्ति की जा रही है। विधायक ने कहा कि 15 से 30 तारीख तक भंडारण करना होता है, लेकिन मार्च में नहीं हुआ है। सभापति ने निर्देश दिए कि हर मंगलवार को वितरण हो। यदि खामियां हैं तो उसकी जांच करा लें।


