भास्कर न्यूज|लुधियाना पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की उपाध्यक्ष गुंजीत रुचि कौर बावा ने मोगा में बच्चों के अधिकारों और कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया, एसीडी चारुमिता, जिला राजस्व अधिकारी लक्ष्य गुप्ता, डीएसपी जोरा सिंह और जिला बाल संरक्षण अधिकारी परमजीत कौर शामिल हुए। बावा ने स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेफ स्कूल वाहन नीति को सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत ड्राइवरों का सत्यापन, जीपीएस सिस्टम और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट जरूरी हैं। इससे स्कूल वाहन और सुरक्षित बन सकेंगे। उन्होंने जीवनजोत योजना की समीक्षा की। यह योजना कमजोर परिवारों को जीवन बीमा देती है। उन्होंने ग्रामीण और वंचित इलाकों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सकें। चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। बावा ने कहा कि बच्चों के हित में समय पर फैसले लिए जाएं। पुनर्वास की प्रक्रिया तेज हो। संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल हो। डीसी सागर सेतिया ने राज्य में और बाल देखभाल संस्थान खोलने की मांग की। इस पर बावा ने कहा कि आयोग इस पर गंभीरता से विचार करेगा और जरूरत के अनुसार नए संस्थान खोले जाएंगे। बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया और कानूनों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत तय दिशा-निर्देशों का पालन हो। पात्र दंपतियों के लिए प्रक्रिया आसान बनाई जाए। बाल श्रम और किशोर श्रमिकों की सुरक्षा पर भी बात हुई। बावा ने कहा कि बाल शोषण रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। नियमित निरीक्षण हों। जागरूकता अभियान चलाए जाएं। हर बच्चे को शिक्षा और सुरक्षा का अधिकार मिले। उन्होंने अधिकारियों, शिक्षकों और देखभाल करने वालों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम की सिफारिश की। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि बच्चों के अधिकारों और कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बावा ने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना की और कहा कि नीतियों को ज़मीन पर उतारने के लिए लगातार संवाद और निगरानी जरूरी है।


