विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष ने बच्चों की मौत के मुद्दे पर सरकार को घेरा। कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप पीने से बच्चों की कथित मौत और इंदौर के एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरने की घटना को लेकर सवाल उठाए। सत्र शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान, श्योपुर विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा परिसर में एक अनोखा प्रदर्शन किया। वे मासूम बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे और इन मौतों के लिए सरकार को “सीधा जिम्मेदार” ठहराया। सरकार को बताया बच्चों की हत्यारी विधायक जंडेल ने आरोप लगाया कि छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत सरकार की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मासूमों को जहरीला सिरप पिलाकर मौत के मुंह में धकेला गया है। यह सरकार बच्चों की हत्यारी सरकार है।” जंडेल ने इंदौर के एमवाय अस्पताल की घटना को भी “बेहद शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्चों को चूहों द्वारा कुतर लिया जाना स्वास्थ्य व्यवस्था की भयावह स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने इस घटना की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर डाली। विपक्ष ने दोनों घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन बच्चों की मौत के सवाल ने सदन का माहौल गरमा दिया।


