भास्कर न्यूज | चतरा उपायुक्त कीर्तिश्री जी के निर्देशानुसार उगम फाउंडेशन के माध्यम से जिले में री-इमेजिंग आंगनबाड़ी विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हो गया। यह कार्यशाला 19 जनवरी को डीआरडीए के सभा कक्ष में शुरु हुई थी। कार्यशाला में जिले की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ-साथ प्रत्येक सेक्टर स्तर से मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित एक-एक आंगनबाड़ी सेविका सहित कुल 35 सेविकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उगम फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों के प्रारंभिक वर्षों के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण सत्र में बताया गया कि बच्चों के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास आठ वर्ष की आयु तक हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की देखभाल स्नेह, संवेदना और समर्पण के साथ किए जाने पर जोर दिया गया। बच्चों को कली अथवा पुष्प के समान समझते हुए उनके समुचित पोषण एवं संस्कार पर विशेष बल दिया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के स्वागत एवं अभिवादन की सकारात्मक पद्धतियों, खेल-खेल में अक्षर एवं संख्या ज्ञान, साथ ही रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के तरीकों पर व्यावहारिक चर्चा की गई। कार्यशाला के अंतर्गत सेक्टरवार चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है, जो अपने-अपने सेक्टर की अन्य सेविकाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। इससे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होने की उम्मीद है।


