बच्चों ने अपने माता-पिता को आसन पर बिठा पूजा की, आरती उतारी और आशीर्वाद भी लिया

श्री योग वेदांत सेवा समिति और समस्त साधक परिवार द्वारा चिखली वार्ड में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बाल संस्कार के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। माता-पिता को आसन में बिठाकर बच्चों ने आरती कर आशीर्वाद लिया। इस कार्यक्रम में ऐसा भाव विभोर दृश्य देख उपस्थित अतिथियों ने इसकी सराहना की। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा रहे। अध्यक्षता पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख एवं विशेष अतिथि वार्ड पार्षद श्रुति लोकेश जैन, विधि तिवारी मोदी, डॉ.राघव वर्मा रहे। नीलू शर्मा ने कार्यक्रम से भावविभोर होकर कहा आज पाश्चात्य संस्कृति के कारण बच्चों में असंतोष, निराशा, चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम से निराशा से आशा की ओर, पतन से उत्थान की ओर जा रहे है। साथ ही समाज मे माता-पिता और गुरुजनों के प्रति आदर भाव बढ़ता जा रहा है। इस आयोजन की शुरुआत करने वाले पूज्य बापूजी के प्रति मैं आभार व्यक्त करता हूं। कार्यक्रम में योगेंद्र साहू, टहलु राम साहू, प्रवीण चक्रधारी, जीत साहू, भोजेश्वर साहू, गोपीचंद महोबिया, प्रहलाद विश्वकर्मा, एरिना चंद्रवंशी, सरिता चक्रधारी, तृप्ति वैष्णव, उषा साहू, पूजा साहू, पायल यादव, खेमचंद निषाद, डेहरिन निषाद, उषा प्रजापति, मनोज शुक्ला का सहयोग रहा। उन्नत होने की सीख दी गई पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख ने कहा आज की युवा पीढ़ी भौतिकवाद के चकाचौंध में मस्त होकर अपने संस्कृति की गरिमा समझ नहीं रहे है। अपने माता-पिता की बातों को, उनके उपकारों को भूलते जा रहे है ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम माता-पिता के उपकारों को याद दिलाती है। उनके संस्कार को जीवन में अपनाकर उन्नत होने की सीख देती है। 200 देशों में मनाते हैं मातृ-पितृ पूजन दिवस श्री योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर व कोषाध्यक्ष टीके चंद्राकर ने बताया 19 वर्षों से 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की पहल की गई। आज भारत सहित 200 देशों में दिवस मनाते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर्व की सराहना करते हुए प्रतिवर्ष इसे मनाने की घोषणा की है।

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