प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगारों को 5 महीने से बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि उन्हें अगस्त के बाद भत्ता नहीं मिला। हर माह भत्ते के रूप में 60 करोड़ रुपए का भुगतान होता है। 5 माह से भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों के करीब 300 करोड़ रुपए अटके हैं। विभाग का दावा है कि दिसंबर तक के बिल बनाकर वित्त विभाग में भेज दिए गए हैं। अब वहां से बजट स्वीकृत होने पर ही भत्ते का भुगतान संभव है। भत्ता नहीं मिलने से परेशान युवाओं ने सोशल मीडिया पर बेरोजगार भत्ता ईसीएस करो अभियान चलाया है। भत्ते के अभाव में परेशान एक युवा रामकिशोर शर्मा का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान इस भत्ते से कई खर्चे पूरे हो जाते हैं। राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि बेरोजगारों के 5 महीने का भत्ता बकाया होना बड़ी बात है। सरकार को भत्ता जल्दी जारी करना चाहिए, ताकि राहत मिल सके। हर माह देते हैं 4,000 रुपए मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपए, ट्रांसजेंडर, महिला और दिव्यांग को 4,500 रुपए प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में योजना में करीब 1.9 लाख युवाओं को हर माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। “अगस्त तक का भुगतान हो चुका। दिसंबर तक के भत्ते के बिल वित्त विभाग को भिजवा दिए गए हैं। अब जल्दी जारी हो जाएगा।” – विवेक भारद्वाज, असिस्टेंट डायरेक्टर (ट्रेनिंग) रोजगार निदेशालय


