खरगोन में संत सियाराम बाबा को विश्व हिन्दू परिषत और बजरंग दल ने रविवार को कार्यक्रम रख श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश संयोजक नितिन पाटीदार ने कहा कि महाभारत काल के बाद वर्तमान में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा ने इच्छामृत्यु चुनी। उन्होंने इच्छा मृत्यु के दिन के रूप में मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती के साथ शौर्य दिवस का चुना। नितिन पाटीदार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से कर्म का संदेश दिया था। जिसे हनुमानजी के भक्त सियाराम बाबा ने अनुसरण कर अपने अनुयाइयों को कर्म का संदेश दिया। वे अपने विचारों के रूप में हमारे बीच सदैव उपस्थित रहेंगे। राधावल्लभ मार्केट के परशुराम चौराहा पर सभा हुई। मौन रखकर संत को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें गायत्री परिवार के सौरभ मोरे, श्रीगुरुसिंघ सभा के ज्ञानी जी, विद्वत परिषद के आनंद मलतारे, गीता गंगा ट्रस्ट के जगदीश ठक्कर, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी से किरण दीदी, पूर्णानंद सेवा संस्थान के अनिल जोशी, आरएसएस जिला संघ चालक डॉ. अजय जैन, विहिप विभाग मंत्री मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष नितिन मालवीया, जिला मंत्री विवेक तोमर, सह मंत्री शीतल भदौरिया सहित कई जनप्रतिनिधि धर्मावलंबी थे।


