बजरी माफिया से मिलीभगत करने वाले एक ASI सहित 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें टोंक के सोप और अलीगढ़ थाने का स्टाफ शामिल हैं। SP राजेश कुमार मीना ने सोमवार देर रात यह कार्रवाई की। एसपी ने अपने आदेश में विभागीय जांच का हवाला दिया है। उनका कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही बरती गई है। जितनी सख्ती से ड्यूटी करनी चाहिए, वो नहीं कर रहे थे। इसलिए सस्पेंड किया गया। दूसरी ओर, चर्चा है कि 10 जनवरी को सोप थाने के बाहर से बिना चेक किए धड़ल्ले से बजरी लोड ट्रैक्टर निकलने का वीडियो बनाकर गांव वालों ने एसपी को सौंपा था। वीडियो सुबह 4:50 बजे बनाया गया था। इसी के बाद सोप थाने के एएसआई प्रहलाद नारायण मीणा और कॉन्स्टेबल साबूलाल मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस कार्रवाई में अलीगढ़ थाने के हेड कॉन्स्टेबल सत्यप्रकाश जाट, कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह और ओमप्रकाश यादव भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनके ऑडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है। कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश यादव कोरोनाकाल में एक बार अलीगढ़ और एक बार बनेठा थाने से सस्पेंड हो चुका है। ओमप्रकाश पर पहले भी बजरी माफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगे थे। नवंबर 2025 में अलीगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों का एक ऑडियो सामने आया था। इस ऑडियो में भी अवैध बजरी परिवहन को लेकर बातचीत थी। एसपी ने वीडियो-ऑडियो पर कहा- सीधे तौर इन मामलों में सस्पेंड नहीं किया गया है, लेकिन इन वीडियो-ऑडियो से प्रारंभिक तौर पर लग रहा है कि लापरवाही रही है। बजरी संबंधित बात मोबाइल पर करते हुए का ऑडियो है। पुलिसकर्मी को किसी से ऐसी बात ही नहीं करनी चाहिए। वीडियो में बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थाने के बाहर से निकली हैं। उस समय पुलिसकर्मी कहां थे? किसकी लापरवाही रही है? इन सब बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। — भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में बजरी माफिया से सांठगांठ पर 5 SHO सस्पेंड:6 थानाधिकारी लाइन हाजिर; 15 पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश करीब 3 हफ्ते पहले राजस्थान में बजरी माफिया से पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा एक्शन लिया था। जयपुर समेत 4 जिलों के 5 थानों के SHO को सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा 5 जिलों के 6 थानों के SHO को लाइन हाजिर किया था। पढ़ें पूरी खबर…


