बठिंडा-बरनाला डीसी दफ्तरों का घेराव कल:किसान नेता बोले- सरकार ने पूरी नहीं की मांग, मांगा 10-10 लाख का मुआवजा, देंगे धरना

हरियाणा के टोहाना में शनिवार को आयोजित हुई महापंचायत में शामिल होने के लिए जा रहे किसानों की बस हादसाग्रस्त होने से हुई तीन महिलाओं की मौत को लेकर भारती किसान एकता उग्राहां कल (सोमवार को) बठिंडा और बरनाला के डीसी दफ्तर पर दिन-रात धरना शुरू जाने की चेतावनी दी है। रविवार को किसान यूनियन एकता उग्राहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, कल हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई थी और कई किसान घायल हो गए थे। इस संबंध में संगठन द्वारा सरकार से की गई मांग अभी तक पूरी नहीं की गई है। प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां, वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठुके, सचिव सिंगारा सिंह मान, सचिव जगतार सिंह काला झाड़, उपाध्यक्ष रूप सिंह छन्ना और जिला बठिंडा के महासचिव हरजिंदर सिंह ने प्रदेश सरकार की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ तो भगवंत मान की सरकार किसान हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हादसे के दो दिन बाद भी मृतकों के परिजनों और घायलों की कोई सुध नहीं ली है। मृतकों के परिजनों को दिए जाए 10-10 लाख उन्होंने कहा कि, पंजाब सरकार पीड़ित परिवारों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है और उन्हें तथा अन्य किसानों को कड़ाके की ठंड में अस्पतालों और सड़कों पर घुमा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस अड़ियल रवैये के खिलाफ कल से बठिंडा और बरनाला के डिप्टी कमिश्नर दफ्तरों के सामने दिन-रात धरने शुरू किए जाएंगे, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि तीनों मृत महिलाओं के परिवारों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा, एक महिला को सरकारी नौकरी और परिवार पर लगे सभी कर्ज को खत्म किए जाने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि, गंभीर घायलों को पांच लाख और अन्य घायलों को दो लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए और घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से कराया जाए।

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